लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। बैठक में 16 से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा कर मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इनमें शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अस्पतालों का पीपीपी मॉडल पर संचालन, एक्सप्रेसवे परियोजनाओं और साइबर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख हैं।
शिक्षकों और कर्मचारियों को मिल सकती है कैशलेस इलाज की सुविधा
कैबिनेट बैठक में प्रदेश के करीब 10 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचाने से संबंधित योजनाओं पर भी चर्चा होने की संभावना है।
प्रस्तावित स्वास्थ्य सुविधा से पात्र लाभार्थियों को इलाज के दौरान आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, योजना के अंतिम स्वरूप, पात्रता और लागू होने की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक निर्णय का इंतजार है।
अस्पतालों के संचालन में पीपीपी मॉडल पर जोर
बैठक में अस्पतालों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर संचालित करने से संबंधित प्रस्ताव भी शामिल हो सकते हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और संचालन को बेहतर बनाने के विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।
एक्सप्रेसवे और साइबर सुरक्षा से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे में
मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश की एक्सप्रेसवे परियोजनाओं से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा, साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने और डिजिटल व्यवस्था को सुरक्षित करने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू करने से जुड़े प्रस्ताव भी विचाराधीन हैं।
कैबिनेट के फैसलों पर रहेगी नजर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में 16 से अधिक प्रस्तावों पर निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। खास तौर पर शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित कैशलेस इलाज योजना को लेकर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।