नई दिल्ली। देश की राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाली दिल्ली पुलिस की छवि पर सवाल खड़े करने वाला एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिले आंकड़ों में सामने आया है कि बल में तैनात हर 100 में से लगभग 1 पुलिसकर्मी किसी न किसी आपराधिक मामले में आरोपी है।
आरटीआई के अनुसार, लगभग 80 हजार से अधिक जवानों वाली इस फोर्स में वर्ष 2020 से मई 2026 तक करीब 925 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे कुछ कर्मी भी शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, वकील गौरव भारद्वाज द्वारा दायर आरटीआई में पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज मामलों का ब्योरा मांगा गया था। आंकड़ों में यह भी सामने आया कि कैदियों को अदालत तक ले जाने वाली यूनिट में भी कई पुलिसकर्मी गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं।
विशेष रूप से 52 पुलिसकर्मी दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में आरोपी बताए गए हैं, जबकि कई अन्य पर अलग-अलग आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले साढ़े पांच वर्षों में दर्ज मामलों में किसी भी आरोपी पुलिसकर्मी को अब तक सजा मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और समयबद्ध ट्रायल बेहद जरूरी है, ताकि दोषियों को सजा और पीड़ितों को न्याय मिल सके। कानूनी विशेषज्ञों ने स्वतंत्र एजेंसियों से जांच कराने की भी सिफारिश की है।
फिलहाल यह खुलासा पुलिस व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।