2 अक्टूबर नहीं, अब 23 जुलाई की मिस्ट्री में उलझेगा ‘दृश्यम’! तारीख ने फिर खींचा ध्यान

मुंबई । बॉलीवुड की चर्चित फिल्म ‘दृश्यम’ ने एक बार फिर अपनी कहानी से जुड़ी एक खास तारीख को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। फिल्म में 2 अक्टूबर की तारीख कहानी का अहम हिस्सा थी, लेकिन अब 23 जुलाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

‘दृश्यम’ की कहानी में विजय सालगांवकर अपने परिवार को बचाने के लिए घटनाओं और तारीखों की ऐसी कहानी तैयार करता है, जिसे पुलिस के लिए सुलझाना आसान नहीं होता। फिल्म में 2 अक्टूबर की तारीख बार-बार सामने आने के कारण यह तारीख दर्शकों के बीच खास पहचान बना चुकी है।

अब 23 जुलाई क्यों चर्चा में?

फिल्म की कहानी और उसके संदर्भों को लेकर सोशल मीडिया पर एक बार फिर 23 जुलाई की तारीख ट्रेंड करने लगी है। दर्शक इस तारीख को फिल्म के नए संदर्भ और कहानी से जोड़कर देख रहे हैं।

यही वजह है कि ‘दृश्यम’ से जुड़ी तारीखों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। फिल्म के फैंस पुराने सीन्स, घटनाओं और तारीखों को फिर से याद कर रहे हैं।

‘दृश्यम’ ने बदल दिया तारीखों को देखने का नजरिया

2015 में रिलीज हुई ‘दृश्यम’ में 2 अक्टूबर को लेकर जिस तरह से कहानी बुनी गई थी, उसने इस तारीख को पॉप कल्चर में एक अलग पहचान दिलाई। फिल्म देखने के बाद कई लोगों के लिए 2 अक्टूबर सिर्फ गांधी जयंती की तारीख नहीं रही, बल्कि विजय सालगांवकर की बनाई कहानी से भी जुड़ गई।

फिल्म के सीक्वल में भी इस रहस्य और परिवार को बचाने की कोशिश को आगे बढ़ाया गया। अब 23 जुलाई से जुड़े नए संदर्भ ने दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है।

सोशल मीडिया पर फिर छाया ‘दृश्यम’

तारीखों से जुड़े इस नए ट्रेंड के बाद सोशल मीडिया पर ‘दृश्यम’ को लेकर पोस्ट और चर्चाएं बढ़ गई हैं। फैंस फिल्म की कहानी में छिपे संकेतों और घटनाओं को दोबारा जोड़कर देख रहे हैं।

फिल्म की सबसे खास बात यही रही है कि इसकी कहानी में छोटी-छोटी तारीखों और घटनाओं को इस तरह जोड़ा गया कि दर्शक लंबे समय बाद भी उन्हें याद रखते हैं।

यानी 2 अक्टूबर की पुरानी मिस्ट्री के बाद अब 23 जुलाई की तारीख ने ‘दृश्यम’ के फैंस के बीच नई चर्चा छेड़ दी है।

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