यरूशलम । इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि फिलहाल अमेरिका या इजरायल की ओर से ईरान पर हमला करना उनके लिए सुविधाजनक नहीं होगा। आगामी इजरायली चुनावों से पहले दिए गए एक साक्षात्कार में उन्होंने आने वाले दिनों में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावना पर अपनी राय रखी। इसके साथ ही नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि यदि उनका गठबंधन चुनाव जीतकर सत्ता में लौटता है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर को अगली सरकार में रक्षा मंत्री नहीं बनाया जाएगा।
ईरान पर हमले को लेकर क्या बोले नेतन्याहू?
इजरायली आर्मी रेडियो को दिए साक्षात्कार में नेतन्याहू से अमेरिका या इजरायल द्वारा निकट भविष्य में ईरान पर हमला किए जाने की संभावना को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा, “मेरी राय में, अभी यह हमारे लिए सुविधाजनक नहीं है।”
उनके इस बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर इजरायल और अमेरिका के बीच संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा की खबरें सामने आई हैं।
हालांकि, नेतन्याहू के बयान का अर्थ यह नहीं है कि भविष्य में सैन्य कार्रवाई की संभावना पूरी तरह समाप्त हो गई है। उनके बयान में फिलहाल हमले के समय को लेकर असहमति का संकेत मिलता है।
बेन गवीर को नहीं मिलेगा रक्षा मंत्रालय
साक्षात्कार के दौरान नेतन्याहू ने इजरायल की आंतरिक राजनीति को लेकर भी महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि आगामी चुनावों में उनके नेतृत्व वाला गठबंधन जीतता है, तो ओत्ज्मा येहुदित पार्टी के नेता और वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर को रक्षा मंत्री नहीं बनाया जाएगा।
नेतन्याहू ने कहा कि बेन गवीर इस पद की इच्छा रखते हैं, लेकिन अगली सरकार में रक्षा मंत्रालय लिकुड पार्टी के पास ही रहेगा।
यह बयान आगामी चुनावों के मद्देनजर गठबंधन के भीतर संभावित मंत्रिमंडलीय जिम्मेदारियों को लेकर नेतन्याहू की स्थिति स्पष्ट करता है।
चुनाव से पहले ईरान का मुद्दा चर्चा में
इजरायल में 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले ईरान के साथ संभावित संघर्ष का मुद्दा चर्चा में है। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच ईरान को लेकर संभावित सैन्य कार्रवाई पर बातचीत हुई थी। हालांकि, इस बातचीत के विवरण को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं और नेतन्याहू के कार्यालय ने पहले आई कुछ खबरों पर टिप्पणी करने से परहेज किया था।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर इजरायल की चिंताएं और अमेरिका की रणनीति इस मुद्दे के प्रमुख पहलू बने हुए हैं। फिलहाल नेतन्याहू के ताजा बयान से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में हमले को लेकर तत्काल फैसला लेना उन्हें उचित नहीं लग रहा है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर बनी रहेंगी निगाहें
नेतन्याहू के बयान के बाद अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच आगे की रणनीति पर नजर बनी रहेगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में ईरान पर किसी नए हमले की घोषणा नहीं की गई है।
वहीं, बेन गवीर को अगली सरकार में रक्षा मंत्री नहीं बनाए जाने संबंधी बयान से इजरायल में चुनाव के बाद संभावित सत्ता समीकरणों और मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर भी चर्चा तेज हो सकती है।