जनकल्याणकारी योजनाओं में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, पारस पोर्टल से हर माह होगी समीक्षा: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। इसके लिए अब पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल के माध्यम से हर माह राज्य स्तर पर योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पारस पोर्टल की पहली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप परिणाम सुनिश्चित करे।

हर महीने होगी योजनाओं की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं और जनसेवाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। इससे योजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग, जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी।

सीमांकन मामलों में लापरवाही पर जताई नाराजगी

बैठक में मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में लंबित सीमांकन प्रकरणों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में शिकायतें मिलने के बावजूद कई मामलों का समय पर निराकरण नहीं हो रहा है, जिससे आम नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि सीमांकन से जुड़े मामलों का तय समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

एग्रीस्टैक में शत-प्रतिशत किसान पंजीयन के निर्देश

मुख्यमंत्री ने एग्रीस्टैक में प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह केवल धान खरीदी तक सीमित व्यवस्था नहीं, बल्कि किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी पात्र किसान के वंचित रहने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी।

सीएम हेल्पलाइन को बनाएं प्रभावी समाधान मंच

मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन 1076 की समीक्षा करते हुए शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निराकरण पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि अब तक 1.10 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें 65 हजार से अधिक का समाधान किया जा चुका है। 55.29 प्रतिशत शिकायतकर्ताओं ने समाधान पर संतोष जताया है।

उन्होंने ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।

सेवा सेतु और विकसित भारत जी-रामजी योजना पर जोर

मुख्यमंत्री ने सेवा सेतु पोर्टल से अधिक से अधिक शासकीय सेवाओं को जोड़ने के निर्देश दिए। वर्तमान में इस पोर्टल पर 27 विभागों की 721 सेवाएं उपलब्ध हैं।

वहीं विकसित भारत जी-रामजी योजना के तहत सभी ग्राम पंचायतों में आधारभूत विकास कार्यों को प्राथमिकता देने और लंबित प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति देने के निर्देश भी दिए गए।

मोबाइल कनेक्टिविटी और स्कूल शिक्षा की समीक्षा

बैठक में 476 मोबाइल टॉवरों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए परियोजना को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश, सरस्वती साइकिल योजना और प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही स्कूल परिसरों में किचन गार्डन, सहजन, कटहल और अन्य उपयोगी पौधों के रोपण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारस पोर्टल के माध्यम से योजनाओं की नियमित निगरानी से शासन की जवाबदेही बढ़ेगी, समस्याओं का समय पर समाधान होगा और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से आम लोगों तक पहुंचेगा।

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