NEET विवाद: CJP की बैठक में नहीं निकला अंतिम हल, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार ने मांगा कल तक का समय

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच हुई दूसरी बैठक खत्म हो गई है। करीब डेढ़ घंटे चली इस बैठक में CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत कई मांगें सरकार के सामने रखीं। सरकार ने इस्तीफे की मांग पर फैसला लेने के लिए कल तक का समय मांगा है।

बैठक दोपहर 12:40 बजे शुरू हुई और करीब 2:20 बजे तक चली। यह बैठक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित की गई। इससे पहले 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर हुई बातचीत बेनतीजा रही थी। CJP ने इस बार किसी न्यूट्रल स्थान पर बातचीत की मांग की थी, जिसके बाद बैठक का आयोजन कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में किया गया।

CJP प्रतिनिधिमंडल की ओर से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने समेत कई मांगें रखी गईं। बैठक में CJP की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका शामिल हुए, जबकि सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने बातचीत की।

इस्तीफे की मांग पर अड़ा CJP

बैठक से पहले CJP के फाउंडिंग प्रेसिडेंट अभिजीत दीपके ने कहा था कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा कोई दूसरा विकल्प स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा।

CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बैठक के बाद कहा कि सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द इस पर फैसला लेगी।

दो मांगों पर सरकार की सहमति

CJP के अनुसार, सरकार ने आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और छात्रों पर दर्ज एफआईआर व कानूनी मामलों को वापस लेने की मांग पर सैद्धांतिक सहमति जताई है। हालांकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून की तैयारी

वहीं, केंद्र सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नया कानून लाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित कानून में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सुनवाई और सख्त सजा का प्रावधान किया जा सकता है।

सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन

इस बीच छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के हाथों अनशन खत्म किया।

अब सभी की नजरें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं, खासकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर होने वाली घोषणा पर।

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