मुंबई । भारतीय घरेलू क्रिकेट की दिग्गज टीम मुंबई एक बार फिर रणजी ट्रॉफी में अपना दबदबा कायम करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। कप्तान सिद्धेश लाड और उपकप्तान आयुष म्हात्रे की अगुवाई में मुंबई की युवा और ऊर्जावान टीम रिकॉर्ड 43वें रणजी ट्रॉफी खिताब के लक्ष्य के साथ अपने अभियान की शुरुआत करेगी।
मुंबई का पहला मुकाबला रविवार को वानखेड़े स्टेडियम में चंडीगढ़ के खिलाफ होगा। मुकाबले से पहले मुंबई क्रिकेट संघ की ओर से वानखेड़े स्टेडियम में आयोजित प्री-सीजन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान और उपकप्तान ने टीम की तैयारियों, रणनीति और आगामी रेड-बॉल सत्र को लेकर अपनी योजनाएं साझा कीं।
विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी
कप्तान सिद्धेश लाड ने मुंबई क्रिकेट की समृद्ध विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि टीम के प्रत्येक खिलाड़ी पर इस गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य सिर्फ मुकाबले जीतना नहीं, बल्कि पूरे सत्र में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करते हुए खिताब हासिल करना है।
मुंबई ने रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सबसे अधिक बार खिताब जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। अब टीम की नजर इस संख्या को 43 तक पहुंचाने पर है।
युवा खिलाड़ियों पर भरोसा
उपकप्तान आयुष म्हात्रे ने टीम में मौजूद युवा खिलाड़ियों की ऊर्जा और प्रतिभा पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि रेड-बॉल क्रिकेट में धैर्य और अनुशासन बेहद महत्वपूर्ण है और टीम इन पहलुओं पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुंबई की टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं का संतुलन है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि युवा खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट के दबाव के बीच अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
वानखेड़े में चंडीगढ़ से मुकाबला
रणजी ट्रॉफी के नए सत्र में मुंबई अपने अभियान की शुरुआत घरेलू मैदान वानखेड़े स्टेडियम से करेगी। चंडीगढ़ के खिलाफ होने वाला यह मुकाबला टीम के लिए सत्र की शुरुआत में ही अपनी तैयारियों को परखने का मौका होगा।
कप्तान सिद्धेश लाड और उपकप्तान आयुष म्हात्रे के नेतृत्व में मुंबई टीम की नजर मजबूत शुरुआत करने और पूरे टूर्नामेंट में खिताब की दौड़ में बने रहने पर होगी।
मुंबई क्रिकेट संघ की ओर से आयोजित प्री-सीजन संवाद में टीम ने आगामी सत्र को लेकर अपने लक्ष्य और रणनीति स्पष्ट कर दी है। अब नजर रविवार को वानखेड़े में होने वाले पहले मुकाबले पर होगी।