रायपुर । महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विभागीय प्रशासन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सेवानिवृत्ति प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक शासन की सेवा करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय किसी भी तरह की प्रशासनिक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मंत्री ने प्रमुख सचिव, संचालक समाज कल्याण और संचालक महिला एवं बाल विकास को निर्देश दिए कि विभाग से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के प्रकरणों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति आदेश, पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण सहित सभी वैधानिक स्वत्वों का निराकरण सेवानिवृत्ति की तारीख से पहले पूरा किया जाए, ताकि कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी आवश्यक आदेश और भुगतान मिल सकें।
चेकलिस्ट आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू करने के निर्देश
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि कई बार सेवा सत्यापन, न मांग प्रमाण-पत्र, न जांच प्रमाण-पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया में देरी के कारण कर्मचारियों को परेशानी होती है। प्रशासनिक अनुमोदन के लिए प्रकरण देर से भेजे जाने से भी भुगतान एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभ प्रभावित होते हैं।
उन्होंने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सभी स्तरों पर समयबद्ध कार्यसंस्कृति अपनाने के निर्देश दिए। साथ ही सेवानिवृत्ति से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए चेकलिस्ट आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली लागू करने को कहा।
हर कार्यालय में बनेगी आगामी सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सूची
मंत्री के निर्देश के अनुसार प्रत्येक कार्यालय में आगामी समय में सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों की सूची तैयार की जाएगी। इन प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सेवानिवृत्ति से संबंधित कोई भी मामला अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
‘सम्मानजनक विदाई के साथ समय पर मिले अधिकार’
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सेवानिवृत्ति केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि कर्मचारी के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसलिए अधिकारियों को मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानजनक विदाई मिले और उनके सभी वैधानिक अधिकार एवं स्वत्व समय पर प्राप्त हों।