कवर्धा | कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा जनपद पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों और ग्राम रोजगार सहायकों के वेतन एवं मानदेय भुगतान में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले तीन महीनों से उनका वेतन और मानदेय लंबित है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
आरोप है कि अप्रैल 2026 के वेतन-मानदेय के भुगतान के लिए मई माह में फंड ट्रांसफर ऑर्डर (एफटीओ) तैयार करने और डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया निर्धारित समय के भीतर पूरी की जानी थी। हालांकि, कर्मचारियों का दावा है कि प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी ने समय रहते एफटीओ तैयार नहीं किया, जिसके कारण भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह अटक गई।
मनरेगा की भुगतान व्यवस्था पूरी तरह ऑनलाइन और समयबद्ध प्रक्रिया पर आधारित है। निर्धारित अवधि में एफटीओ जारी होने के बाद ही राशि संबंधित कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। कर्मचारियों का कहना है कि तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण भुगतान रुका हुआ है।
वेतन नहीं मिलने से अधिकारी-कर्मचारियों और ग्राम रोजगार सहायकों को घरेलू खर्च, बच्चों की स्कूल फीस, किताबें, बिजली बिल और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाई हो रही है। कई कर्मचारियों ने उधार लेकर परिवार का खर्च चलाने की बात कही है।
कर्मचारियों ने मांग की है कि लंबित वेतन एवं मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए और यदि भुगतान में देरी प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
हालांकि, इस मामले में प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि प्रशासन की ओर से कोई पक्ष सामने आता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।