नई दिल्ली। अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए शुरू की गई स्वगम योजना को लेकर दिल्ली नगर निगम (MCD) ने चिंता जताई है। योजना के तहत अब तक पोर्टल पर करीब 40 हजार लोगों ने विजिट किया, लेकिन आवेदन की संख्या बेहद कम रही है। अभी तक केवल 45 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं।
MCD ने योजना को बेहतर बनाने और लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली सरकार से संपर्क किया है। निगम का कहना है कि प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कुछ नीतिगत बदलाव जरूरी हैं।
बता दें कि MCD ने 24 अप्रैल को स्वगम पोर्टल लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य दिल्ली की 1,511 चिह्नित अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को अपनी संपत्तियों के नियमितीकरण की सुविधा देना है। योजना में उन संपत्तियों को भी शामिल किया जा रहा है, जिनके पास स्वीकृत लेआउट प्लान नहीं है।
कम आवेदन की वजह बनी चुनौती
MCD अधिकारियों के अनुसार, कई लोग आवेदन प्रक्रिया में आ रहे हैं, लेकिन उनके पास PM-UDAY की अधिकृत स्लिप नहीं है। ऐसे आवेदकों को जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के लिए दिल्ली सरकार की वेबसाइट पर भेजा जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि योजना में सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक बोझ है। अगर किसी भवन का निर्मित क्षेत्र तय FAR (फ्लोर एरिया रेशियो) सीमा से अधिक है, तो अतिरिक्त शुल्क के साथ तीन गुना तक दंडात्मक शुल्क का प्रावधान है। MCD ने सुझाव दिया है कि इस शुल्क को एकमुश्त कर दिया जाए, ताकि ज्यादा लोग योजना का लाभ ले सकें।
3 से 4 लाख रुपये तक आ सकता है खर्च
अधिकारियों के मुताबिक, संपत्ति के स्वामित्व अधिकार हासिल करने में लोगों को करीब 3 से 4 लाख रुपये तक खर्च करना पड़ सकता है। इतनी बड़ी राशि भी लोगों की कम भागीदारी की एक वजह बताई जा रही है।
इसके अलावा आवेदन की अंतिम तारीख तय नहीं होने से भी लोग जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं और बाद में आवेदन करने का इंतजार कर रहे हैं।
आवेदन के लिए निर्धारित शुल्क
स्वगम योजना के तहत निवासी पंजीकरण के लिए 20 रुपये और GST, आवेदन फॉर्म जमा करने के लिए 75 रुपये और GST, जबकि दस्तावेजों की तैयारी और नोटरीकरण के लिए प्रति दस्तावेज 100 रुपये और GST शुल्क तय किया गया है।
MCD का कहना है कि योजना को सफल बनाने के लिए शुल्क और प्रक्रिया में राहत देने की जरूरत है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी संपत्तियों का नियमितीकरण करा सकें।