मनीला । फिलीपींस के अल्बे प्रांत में स्थित सक्रिय मयोन ज्वालामुखी शुक्रवार को अचानक फट पड़ा। मध्यम तीव्रता के इस विस्फोट के बाद ज्वालामुखी के क्रेटर से करीब 3,000 मीटर (3 किलोमीटर) ऊंचा राख और धुएं का घना गुबार उठा। घटना के बाद फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्कैनोलॉजी एंड सिस्मोलॉजी (PHIVOLCS) ने ज्वालामुखी का चेतावनी स्तर बढ़ाकर दो से तीन कर दिया है।
संस्थान के अनुसार, स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजकर 53 मिनट पर मध्यम तीव्रता का विस्फोट शुरू हुआ, जो लगभग छह मिनट तक चला। राख का गुबार पश्चिम-दक्षिण पश्चिम दिशा की ओर फैल गया।
छह किलोमीटर का खतरा क्षेत्र खाली करने की सलाह
विस्फोट के बाद प्रशासन और वैज्ञानिक एजेंसियों ने आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। PHIVOLCS ने ज्वालामुखी के चारों ओर छह किलोमीटर के स्थायी खतरा क्षेत्र (Permanent Danger Zone) में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सिफारिश की है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ज्वालामुखी से लावा बहने, गर्म राख और गैस के तेज प्रवाह, चट्टानों के गिरने तथा अन्य खतरनाक गतिविधियों की आशंका बनी हुई है।
कई इलाकों में राख गिरने की आशंका
PHIVOLCS के मुताबिक, हवा की दिशा को देखते हुए अल्बे प्रांत के दरागा, कैमालिग, गिनोबाटान और आसपास की नगरपालिकाओं में राख गिर सकती है। स्थानीय निवासियों को राख से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
इसके अलावा ज्वालामुखी से निकलने वाली राख और मलबे के बारिश के पानी के साथ बहने से लहार (कीचड़ और ज्वालामुखीय मलबे का तेज प्रवाह) का खतरा भी जताया गया है।
विमानों को ज्वालामुखी के नजदीक उड़ान से बचने की सलाह
ज्वालामुखीय राख विमानों के इंजन और उड़ान सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। इसी को देखते हुए विमानन अधिकारियों को मयोन ज्वालामुखी के शिखर के आसपास विमान उड़ाने से बचने के लिए पायलटों को सतर्क करने की सलाह दी गई है।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है गतिविधि
PHIVOLCS ने कहा है कि मयोन ज्वालामुखी मैग्मा से जुड़ी नई विस्फोटक गतिविधि के चरण में प्रवेश कर चुका है। आने वाले दिनों से लेकर कुछ सप्ताह तक लावा प्रवाह और पायरोक्लास्टिक डेंसिटी करंट जैसी खतरनाक घटनाओं की आशंका बनी रह सकती है।
मयोन फिलीपींस के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में शामिल है और अपने लगभग शंकु के आकार के खूबसूरत पर्वतीय स्वरूप के लिए प्रसिद्ध है। हालांकि, इसकी सक्रियता आसपास के आबादी वाले क्षेत्रों के लिए लगातार खतरा बनी रहती है।
फिलहाल वैज्ञानिक एजेंसियां ज्वालामुखी की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।