मायावती ने कांशीराम के महापरिनिर्वाण दिवस पर दी श्रद्धांजलि, बोलीं- बहुजन समाज को सत्ता की ‘मास्टर चाबी’ दिलाने में रही अहम भूमिका

लखनऊ । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी संस्थापक मान्यवर कांशीराम के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कांशीराम के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने बहुजन समाज के करोड़ों लोगों को उनके मताधिकार की ताकत के जरिए सत्ता में भागीदारी दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में कहा कि कांशीराम ने सदियों से जातिगत भेदभाव और वंचना का सामना कर रहे दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों तथा अन्य कमजोर वर्गों को राजनीतिक रूप से जागरूक और सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई।

बहुजन समाज को सत्ता में भागीदारी दिलाने का प्रयास

बसपा प्रमुख ने कहा कि कांशीराम ने बहुजन समाज को शोषित वर्ग से शासक वर्ग बनाने का सपना देखा था। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के आत्मसम्मान और स्वाभिमान के आंदोलन को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, ताकि समाज के वंचित वर्गों को उनके अधिकार और सम्मान मिल सकें।

मायावती के अनुसार, कांशीराम ने बहुजन समाज को यह समझाने का काम किया कि लोकतंत्र में वोट की ताकत के माध्यम से राजनीतिक सत्ता में भागीदारी हासिल की जा सकती है। उन्होंने इसी उद्देश्य से सामाजिक जागरूकता और संगठन निर्माण पर विशेष जोर दिया।

बसपा संस्थापक को पूरे पार्टी परिवार की ओर से नमन

मायावती ने अपने संदेश में कांशीराम को बहुजन समाज पार्टी का जन्मदाता और संस्थापक बताते हुए कहा कि उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने पूरे बसपा परिवार की ओर से उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।

कांशीराम ने वंचित वर्गों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक अधिकारों के लिए देशभर में अभियान चलाया था। उनके नेतृत्व में बहुजन समाज को संगठित करने के प्रयासों ने उत्तर प्रदेश सहित देश की राजनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।

सामाजिक न्याय और राजनीतिक सशक्तीकरण की विरासत

कांशीराम का राजनीतिक जीवन सामाजिक समानता, आत्मसम्मान और सत्ता में भागीदारी के विचारों से जुड़ा रहा। उन्होंने बहुजन समाज को संगठित करने के लिए विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के माध्यम से काम किया और बाद में बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की।

महापरिनिर्वाण दिवस पर मायावती की श्रद्धांजलि के जरिए बसपा ने एक बार फिर कांशीराम के विचारों, सामाजिक न्याय के संघर्ष और बहुजन समाज के राजनीतिक सशक्तीकरण में उनके योगदान को याद किया।

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