शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी: सेंसेक्स 1,534 अंक उछला, निफ्टी 23,000 के करीब

मुंबई । घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। बीएसई का सेंसेक्स 1,500 अंक से अधिक उछलकर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 भी करीब 23,000 अंक के स्तर पर पहुंच गया। आईटी और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में मजबूत खरीदारी तथा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों की धारणा को बल मिला।

सेंसेक्स 1,533.72 अंक यानी 2.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,315.61 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी-50 374.65 अंक यानी करीब 1.66 प्रतिशत चढ़कर 22,997.35 अंक पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 23,000 अंक का स्तर भी पार किया, हालांकि बाजार बंद होने तक यह थोड़ा नीचे आ गया।

चार महीने में बाजार का सबसे शानदार सत्र

गुरुवार की तेजी पिछले चार महीनों में भारतीय शेयर बाजार का सबसे अच्छा एकदिवसीय प्रदर्शन रही। बाजार में प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। खास तौर पर आईटी और निजी बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों ने तेजी को सहारा दिया।

निफ्टी आईटी सूचकांक में करीब 1.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि वित्तीय क्षेत्र के प्रमुख शेयर भी मजबूत रहे। टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी देखी गई। हालांकि, व्यापक बाजार में तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं रही और मिडकैप तथा स्मॉलकैप शेयरों के कुछ सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई।

कच्चे तेल और डॉलर में नरमी से मिला सहारा

बाजार में तेजी के प्रमुख कारणों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी शामिल रही। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतें घटने से आयात बिल और महंगाई के दबाव में कमी आने की उम्मीद रहती है।

इसके अलावा, रुपये में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में मजबूती दर्ज की गई। विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की मजबूती और डॉलर सूचकांक में नरमी ने भी निवेशकों के भरोसे को बढ़ावा दिया।

वैश्विक बाजारों की गिरावट के बीच भारतीय बाजार चमके

एशिया के कई प्रमुख शेयर बाजारों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली और अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंताओं के कारण दबाव रहा। जापान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में भी भारी गिरावट देखी गई।

इसके विपरीत, भारतीय बाजारों में निवेशकों ने आईटी और बड़ी वित्तीय कंपनियों के शेयरों में खरीदारी की। वैश्विक स्तर पर एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट के बाद निवेशकों के भारत जैसे अन्य बाजारों की ओर रुख करने की संभावना ने भी धारणा को प्रभावित किया।

आगे बाजार की दिशा पर रहेगी निवेशकों की नजर

विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले सत्रों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें, रुपये की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

गुरुवार की तेजी से प्रमुख सूचकांक दो सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गए। हालांकि, वैश्विक बाजारों में जारी अनिश्चितता और विभिन्न क्षेत्रों के शेयरों में अलग-अलग प्रदर्शन को देखते हुए निवेशकों की नजर आगे के कारोबारी रुझानों पर बनी रहेगी।

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