वाशिंगटन । अमेरिका में सरकारी खाद्य सहायता योजना से 6 लाख डॉलर (करीब 5 करोड़ रुपये) की कथित धोखाधड़ी के मामले में आरोपी भारतीय मूल के मंजीत सिंह बेदी को भारत से अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया है। 64 वर्षीय बेदी को पिछले महीने भारत में हिरासत में लिया गया था। अब उसे वाशिंगटन राज्य के टैकोमा स्थित संघीय अदालत में पेश किया जाना है।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, बेदी टैकोमा में एशियन ग्रॉसरी स्टोर नाम से एक किराना दुकान चलाता था। उस पर आरोप है कि उसने अमेरिका की पूरक पोषण सहायता योजना (SNAP) के लाभार्थियों के इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर (EBT) कार्ड का दुरुपयोग कर सरकारी धन हासिल किया।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी अभियोग के मुताबिक, मार्च 2024 से जून 2025 के बीच बेदी ने कथित तौर पर SNAP लाभार्थियों के कार्ड से खाद्य सामग्री की खरीदारी के नाम पर राशि काटी और उसके बदले उन्हें नकद पैसा दिया। आरोप है कि वह लाभार्थियों को मिलने वाली राशि का लगभग आधा हिस्सा अपने पास रख लेता था।
अधिकारियों का आरोप है कि इस तरीके से अमेरिकी सरकार को कम से कम 6 लाख डॉलर का नुकसान पहुंचाया गया। इस मामले में बेदी पर वायर धोखाधड़ी और SNAP लाभों से संबंधित धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।
जमानत के बाद अमेरिका से फरार होने का आरोप
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मामले में आरोपित किए जाने के बाद बेदी को कुछ शर्तों के साथ अदालत में पेश होने की अनुमति दी गई थी। उसे अपना पासपोर्ट जमा करने और वाशिंगटन राज्य में ही रहने का निर्देश दिया गया था।
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि वह कनाडा के रास्ते भारत चला गया। इसके बाद 21 मई 2026 को उसके खिलाफ रिहाई की शर्तों के उल्लंघन के संबंध में संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। 3 सितंबर 2026 को उसका नाम एफबीआई की ‘मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स’ सूची में शामिल किया गया था।
भारत और अमेरिका की एजेंसियों के सहयोग से गिरफ्तारी
अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से बेदी को भारत में हिरासत में लिया गया और बाद में अमेरिकी संघीय एजेंटों को सौंप दिया गया। उसे बुधवार रात अमेरिका वापस लाया गया।
एफबीआई निदेशक काश पटेल ने गिरफ्तारी और अमेरिका वापसी को एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने इस कार्रवाई में एफबीआई सिएटल और भारतीय एजेंसियों के सहयोग की सराहना की।
अब अदालत में होगी सुनवाई
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अभियोजन पक्ष बेदी को मुकदमे की सुनवाई तक हिरासत में रखने की मांग करेगा। अधिकारियों का तर्क है कि पहले अमेरिका से फरार होने की घटना से उसके दोबारा भागने की आशंका है।
अमेरिकी कानून के तहत वायर धोखाधड़ी और SNAP लाभों से संबंधित धोखाधड़ी के दोषी पाए जाने पर गंभीर सजा का प्रावधान है। हालांकि, बेदी के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। अदालत में दोष सिद्ध होने तक उसे निर्दोष माना जाएगा।