नई दिल्ली। दिल्ली में भाजपा सरकार अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ प्रदेश स्तरीय आयोगों के पुनर्गठन की दिशा में तेजी से काम कर रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार विभिन्न आयोगों में नए सिरे से नियुक्तियों और संरचना में बदलाव की तैयारी कर रही है।
पार्टी स्तर पर इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि आयोगों में विधायकों की बजाय संगठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि संगठनात्मक ढांचा और अधिक मजबूत हो सके।
दिल्ली डायलॉग कमीशन पर नया विचार
पूर्व आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा गठित दिल्ली डायलॉग कमीशन (DDC) को लेकर भी नए बदलाव की संभावना जताई जा रही है। इसे पूरी तरह समाप्त करने के बजाय नाम परिवर्तन के साथ पुनर्गठित किए जाने पर विचार चल रहा है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय अभी लंबित है और शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, आयोग में कुछ पदों पर भाजपा में शामिल हुए नेताओं को जगह मिल सकती है, जबकि अधिकांश पदों पर संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं को अवसर दिए जाने की संभावना है।
अन्य आयोगों में भी नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज
दिल्ली महिला आयोग, अल्पसंख्यक आयोग सहित अन्य सरकारी निकायों में भी नियुक्तियों की प्रक्रिया जल्द पूरी किए जाने की तैयारी है। संभावित नामों पर मंथन पूरा हो चुका है और जल्द ही सूची को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
इसके साथ ही भाजपा ने हाल ही में केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। वे संगठन और शहरी प्रशासन के अनुभवी नेता माने जाते हैं और इससे पहले दिल्ली नगर निगम में मेयर भी रह चुके हैं। उनकी नियुक्ति को संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।