बालोद में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, सरपंच पति के ठिकाने से सागौन-खम्हार की लकड़ी और फर्नीचर जब्त

रवि भूतड़ा , बालोद | जिले के वन परिक्षेत्र बालोद अंतर्गत ग्राम अंगारी में वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने ग्राम अंगारी निवासी सरपंच पति अश्विनी डड़सेना के ठिकाने पर दबिश देकर बड़ी मात्रा में सागौन और खम्हार की लकड़ी से बने फर्नीचर, कटी हुई लकड़ी और अन्य सामग्री जब्त की है।

जानकारी के अनुसार, वन विभाग को लंबे समय से अवैध लकड़ी के भंडारण और उपयोग की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर संयुक्त टीम ने अश्विनी डड़सेना पिता गंभीर डड़सेना के परिसर की जांच की। तलाशी के दौरान मौके से सागौन की लकड़ी से बने फर्नीचर, दीवार में लगा सागौन का टीवी फ्रेम, सागौन के चिरान किए गए पल्ले, गीली अवस्था में कटी हुई सागौन लकड़ी और खम्हार की लकड़ी से बने फर्नीचर बरामद किए गए।

कार्रवाई के दौरान टीम ने एक मेटाडोर वाहन भी जब्त किया है। वाहन के उपयोग और लकड़ी परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

माप और मूल्यांकन के बाद होगी स्थिति स्पष्ट

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जब्त लकड़ी की वास्तविक मात्रा और अनुमानित कीमत का आकलन किया जा रहा है। लकड़ी की प्रजाति, मात्रा और उससे जुड़े वैधानिक दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कुल कितनी लकड़ी जब्त की गई है। जांच के आधार पर वन अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सरपंच पति के ठिकाने पर कार्रवाई से क्षेत्र में चर्चा

ग्राम अंगारी की निर्वाचित सरपंच के पति होने के कारण यह कार्रवाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पूरे क्षेत्र में दिनभर मामले को लेकर चर्चा होती रही।

पहले भी विवादों में रहा है नाम

प्राप्त जानकारी के अनुसार अश्विनी डड़सेना का नाम पूर्व में भी कुछ विवादित मामलों में सामने आ चुका है। बताया गया है कि वे धोखाधड़ी सहित अन्य मामलों में जेल जा चुके हैं। इसके अलावा एक राजनीतिक दल के नेता की कार में आगजनी के मामले में भी उनकी गिरफ्तारी हुई थी।

अवैध लकड़ी कारोबार पर वन विभाग का शिकंजा

वन विभाग ने इस कार्रवाई को अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम बताया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद लकड़ी के स्रोत और अन्य तथ्यों का खुलासा होगा। यदि जांच में वन अपराध की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल वन विभाग की टीम जब्त सामग्री का पंचनामा, मापन और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी हुई है।

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