रायपुर | छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों में ओवररेटिंग और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो आबकारी उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। वहीं, एक सहायक जिला आबकारी अधिकारी (ADEO) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा शासन को भेजी गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
आबकारी आयुक्त के आदेश के अनुसार, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की रोहासी देशी कम्पोजिट शराब दुकान में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री की शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करने तथा दुकान के सीसीटीवी सिस्टम को अद्यतन नहीं रखने के कारण आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
दूसरे मामले में, धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र में 25 जुलाई को जब्त 53 पेटी अवैध देशी और विदेशी शराब की जांच में होलोग्राम के आधार पर शराब का स्रोत बालोद जिले की अरकार देशी कम्पोजिट शराब दुकान पाया गया। जांच में निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में थोक बिक्री की पुष्टि होने पर संबंधित वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक आशा राम शाक्य को भी निलंबित कर दिया गया।
इसी प्रकरण में अरकार शराब दुकान की प्रभारी एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलोफर जैन के शिथिल नियंत्रण और कर्तव्य के प्रति लापरवाही को गंभीर मानते हुए आबकारी आयुक्त ने उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग को भेज दी है।
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब दुकानों के संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता, अधिक कीमत पर बिक्री या नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में जांच और कड़ी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।