धमतरी । रक्षाबंधन के पर्व से पहले महतारी वंदन योजना की राशि मिलने से धमतरी जिले की महिलाओं में उत्साह और खुशी का माहौल है। मुजगहन की मंजू यादव, धमतरी की शिवानी साहू और पोटियाडीह की मीनाक्षी निर्मलकर के लिए यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपनी जरूरतें स्वयं पूरी करने और त्योहार को आत्मसम्मान के साथ मनाने का अवसर बनकर आई है।
अपनी पसंद की साड़ी खरीदेंगी मंजू
मुजगहन निवासी मंजू यादव ने बताया कि महतारी वंदन योजना की राशि से उन्हें रोजमर्रा की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करने में काफी मदद मिलती है। रक्षाबंधन पर वे इसी राशि से अपने लिए नई साड़ी खरीदने की तैयारी कर रही हैं। उनका कहना है कि अपने लिए जरूरी सामान खरीदने की क्षमता मिलने से उन्हें आत्मविश्वास महसूस होता है।
बच्चों के लिए मिठाई और जरूरी सामान खरीदेगी शिवानी
धमतरी की शिवानी साहू ने बताया कि पहले त्योहार के दौरान बच्चों के लिए मिठाई और जरूरी सामान खरीदने के लिए कई बार दूसरों की मदद लेनी पड़ती थी। अब महतारी वंदन की राशि से वे अपनी जरूरतों के साथ बच्चों के लिए भी आवश्यक सामान खरीद पा रही हैं। इस रक्षाबंधन पर वे बच्चों के लिए मिठाई और अन्य जरूरी चीजें खरीदेंगी।
भाइयों के लिए अपने पैसों से लेंगी राखी और मिठाई
पोटियाडीह की मीनाक्षी निर्मलकर ने बताया कि रक्षाबंधन से पहले मिली राशि उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है। वे इस राशि से अपने भाइयों के लिए राखी, मिठाई और अन्य जरूरी सामान खरीदेंगी। उन्होंने कहा कि अपने पैसों से त्योहार की तैयारियां करने का अवसर उन्हें खुशी और आत्मनिर्भरता का एहसास देता है।
महिलाओं में बढ़ रहा आत्मविश्वास
तीनों महिलाओं ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें अपना ‘भाई’ बताते हुए धन्यवाद दिया। उनका कहना है कि योजना के माध्यम से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार की जरूरतों में अधिक मजबूती से अपनी भागीदारी निभा पा रही हैं।
महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के साथ बच्चों की आवश्यकताओं, घरेलू खर्च और त्योहारों से जुड़े खर्चों को भी पूरा कर पा रही हैं।
रक्षाबंधन से पहले मिली यह राशि इन महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और त्योहार की खुशियों का उपहार बनकर आई है।