नई दिल्ली। देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक सलाह दी है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मंत्रियों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने और युवाओं से जुड़ने की सलाह दिए जाने के बाद किरण बेदी ने कहा कि डिजिटल संवाद के साथ-साथ जनता से सीधे संवाद के लिए भी व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए।
किरण बेदी ने सुझाव दिया कि मंत्रियों को अपने कार्यालयों में जनता की समस्याएं सुनने के लिए निश्चित ‘सुनवाई के घंटे’ तय करने चाहिए, ताकि आम लोग सीधे अपनी बात रख सकें। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर संवाद जरूरी है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याएं सुनना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
पीएम मोदी ने मंत्रियों को दी थी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की सलाह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मंत्रियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर इंस्टाग्राम पर सक्रिय रहने और युवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए रील्स व इंटरैक्टिव कंटेंट का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी।
पीएम मोदी की यह सलाह ऐसे समय आई है, जब सरकार और युवाओं के बीच संवाद को लेकर चर्चा तेज है। पेपर लीक जैसे मुद्दों पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से सीधे संवाद भी किया है।
‘सोशल मीडिया के साथ प्रत्यक्ष संवाद भी जरूरी’
किरण बेदी ने कहा कि सोशल मीडिया लोगों तक पहुंचने का एक प्रभावी माध्यम है, लेकिन जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनने की परंपरा भी मजबूत करनी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक मंत्री अपने कार्यालय में नियमित रूप से लोगों से मिलने का समय तय करें, जिससे शिकायतों और सुझावों पर सीधे कार्रवाई हो सके।
छात्रों के प्रदर्शन को लेकर भी दिया था सुझाव
इससे पहले किरण बेदी ने छात्र प्रदर्शनों को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को सुझाव दिए थे। उन्होंने कहा था कि प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए पहले सिविल डिफेंस कर्मियों का इस्तेमाल किया जाए और स्थिति बिगड़ने पर ही अन्य बलों की जरूरत पड़े।
किरण बेदी के इस सुझाव को प्रशासनिक व्यवस्था में जनता की भागीदारी और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में देखा जा रहा है।