मुंबई। बॉलीवुड में बढ़ती हिंसक फिल्मों और एक ही तरह के कंटेंट की होड़ को लेकर अभिनेत्री करीना कपूर खान ने अपनी राय रखी है। करीना ने रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि फिल्म के हिट होने के बाद कई फिल्ममेकर्स ने उसी तरह की हिंसा को अपनी फिल्मों में दोहराने की कोशिश की।
अपनी आगामी फिल्म ‘दायरा’ के प्रमोशन के दौरान एक इंटरव्यू में करीना ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर भेड़चाल देखने को मिलती है। उनके मुताबिक, ‘एनिमल’ के सफल होने के बाद कई लोगों ने सोचा कि हिंसक कंटेंट भी दर्शकों को पसंद आएगा। हालांकि, अब दर्शक पहले से कहीं ज्यादा समझदार और सजग हो चुके हैं।
करीना ने कहा कि आज की युवा ऑडियंस फिल्म देखने से पहले ट्रेलर और कहानी को परखती है। दर्शक अब ऐसे कंटेंट की तलाश में हैं, जो उन्हें सोचने पर मजबूर करे। उन्होंने यह भी कहा कि हर फिल्म से 200 या 500 करोड़ रुपये की कमाई की उम्मीद करना सही नहीं है।
तिग्मांशु धूलिया ने भी उठाए सवाल
फिल्मों में बढ़ती हिंसा को लेकर निर्देशक तिग्मांशु धूलिया भी हाल ही में अपनी राय जाहिर कर चुके हैं। उनका मानना है कि मौजूदा दौर की फिल्मों में गुस्सैल किरदारों, मारधाड़ और खून-खराबे का चलन बढ़ गया है। उन्होंने इस ट्रेंड का संबंध ‘एनिमल’ से ज्यादा ‘बाहुबली’ जैसी फिल्मों की सफलता से जोड़ा।
तिग्मांशु धूलिया ने कहा कि आज फिल्मों के कई हीरो लंबे बाल और दाढ़ी वाले ऐसे किरदारों में नजर आते हैं, जो कभी पौराणिक कथाओं में राक्षसों के रूप में दिखाए जाते थे। उन्होंने ‘KGF’ और ‘कांतारा’ जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए मौजूदा ट्रेंड पर टिप्पणी की।
करीना कपूर की बातों से साफ है कि बॉलीवुड में अब सिर्फ बड़े बजट या हिंसक कंटेंट के सहारे दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचना आसान नहीं होगा। बदलते दर्शक और उनकी पसंद फिल्ममेकर्स के लिए नई चुनौती बन रहे हैं।