मामला प्रदेश के 2018 में संपन्न विधानसभा चुनाव के दौरान रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की टिकट को लेकर
सक्ती- कन्हैया फैंस क्लब रायपुर के राजेश त्रिवेदी सहित अन्य सदस्यों ने वर्तमान में रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की 2018 के संपन्न विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण को लेकर वायरल हो रही ऑडियो क्लिप को लेकर इसकी जांच करवाने की मांग की है, कन्हैया फैंस क्लब के सदस्यों ने ऑडियो क्लिप की उच्च स्तरीय जांच को लेकर अपने लिखित हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन में कहा है कि इस कथित आडियो की जांच की मांग को लेकर कन्हैया अग्रवाल के समर्थको ने पुलिस में शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है
कन्हैया फैन्स क्लब के पुष्पेन्द्र परिहार, मनोज गोयल, सुरेश बाफना, राजेन्द्र जैन, राजेश केडिया, देवेन्द्र पवार ने उक्ताशय का बयान जारी करते हुए कहा, की कथित ऑडियो क्लिप में जिस तरह से आपस में बातचीत के दौरान टिकट को लेकर बातें कही जा रही हैं इन बातों की सच्चाई सामने आना बहुत जरूरी है, एवं कांग्रेस के नेतृत्व से भी बड़े व्यक्ति की पहचान होना जरूरी है, ऐसा व्यक्ति कौन है, जो यह कहता है, कि मेरे फोन पर घर में पैसा पहुंचता है सी.एम. और सभी लोग चाहते थे दूसरे को टिकट मिले पर मैंने कन्हैया अग्रवाल को दिलाई
कन्हैया फैंस क्लब रायपुर के सदस्यों ने कहा है कि आडियो में हारने के लिए कन्हैया अग्रवाल को प्रत्याशी बनाने की बात करने वाले व्यक्ति को मालूम होना चाहिए कि कांग्रेस के जुझारू और समर्पित सिपाही कन्हैया अग्रवाल को मुख्यमंत्री सहित पूरे कांग्रेस पार्टी का आशीर्वाद प्राप्त है । उनके निरंतर बढ़ते जनाधार से परेशान व्यक्तियों की करतूत का खुलासा होना चाहिए
शिकायत करने वालों में मुख्य रूप से पुरुषोत्तम शर्मा ,मनोज गोयल ,राजेंद्र जैन ,सुरेश बाफ़ना, पुष्पेंद्र परिहार, मोहम्मद सिद्दीक, सुनील शिर्के, लोकेश्वर चंद्राकर, शिवराज गुप्ता ,देवेंद्र पवार , जावेद दद्दा ,सागर वाकडे ,राजेश केड़िया सहित कांग्रेसजन उपस्थित थे
उल्लेखित हो कि कन्हैया अग्रवाल रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की टिकट पर वर्ष 2018 के संपन्न विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाए गए थे,तथा वर्तमान में कन्हैया अग्रवाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री के रूप में दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं,साथ ही कन्हैया अग्रवाल राजनीति के साथ-साथ सामाजिक, रचनात्मक एवं जन सेवा के कार्यों में भी सदैव अग्रणी रहते हैं, तथा वे छत्तीसगढ़ प्रदेश में सत्यमेव फाउंडेशन के माध्यम से जहां आम जनता की समस्याओं एवं जनहित के कार्यों के लिए सदैव संघर्षरत रहते हैं, तो वही विगत वर्षों में कन्हैया अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश में जहां इंदिरा प्रियदर्शनी बैंक के पीड़ित खाताधारकों के लिए संघर्ष किया गया तो वही सुंदर नगर रायपुर में लगने वाले टोल प्लाजा को लेकर भी कन्हैया अग्रवाल ने देश के सर्वोच्च न्यायालय तक गुहार लगाई थी एवं कन्हैया अग्रवाल रायपुर निरंतर सभी के सुख दुख में सहभागी होते हुए सक्रिय रुप से कार्य करते हैं*
छत्तीसगढ़ प्रदेश में कथित सीडियों एवं ऑडियो को लेकर प्रत्येक चुनाव के दौरान राजनैतिक बवाल जरूर मस्ता है, तथा विगत 2018 के विधानसभा चुनाव में भी प्रदेश में ऐसे ही कथित सीडी को लेकर जमकर बवाल मचा था एवं राजनीतिक दलों के लोग भी ऑडियो एवं कथित सीडियों के फेर में एक दूसरे के ऊपर आरोप- प्रत्यारोप करते देखे जाते हैं,किंतु इन कथित सीडियों एवं ऑडियो क्लिप की सच्चाई तो जांच के बाद ही सामने आती है, किंतु एक बारगी तो इन मामलों के सामने आने पर पूरे प्रदेश में राजनीतिक रूप से भूचाल देखा जाता है
तथा रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में भी गत 2018 के संपन्न विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक रूप से देखा जाए तो वर्तमान में प्रदेश की सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस ने अंतिम समय में अपने प्रत्याशी की घोषणा की थी, तथा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में अनेकों बड़े नाम लिए जा रहे थे, किंतु तत्कालीन परिस्थितियों को देखते हुए कांग्रेस कमेटी ने कन्हैया अग्रवाल को अपना प्रत्याशी घोषित किया था, तथा सूत्रों की मानें तो कन्हैया अग्रवाल ने भी राजनीतिक रूप से प्रत्याशी बनने पर एड़ी चोटी का जोर लगाते हुए अपना प्रचार प्रसार किया था
छत्तीसगढ़ प्रदेश में रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की सीट काफी हॉट सीट मानी जाती है, इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी के बृजमोहन अग्रवाल अनेकों बार विधायक रहते हुए विगत छत्तीसगढ़ की तत्कालीन डॉ रमन सिंह की सरकार में तीन बार कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं, एवं वर्तमान में भी वे इस विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, तथा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की टिकट के लिए 2018 के विधानसभा चुनाव में भी अनेकों दिग्गज कांग्रेस नेताओं के नाम आने के बाद भी जन चर्चा में यह बात उभर कर सामने आई थी कि इन सभी कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने भी उक्त विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए अपने प्रदेश नेतृत्व को सहमति प्रदान नहीं की थी, तथा इसके बाद कन्हैया अग्रवाल की निष्ठा एवं सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित किया था