तिल्दा-नेवरा। जे.बी. स्कूल तिल्दा के विद्यार्थियों का पांच दिवसीय अहमदाबाद शैक्षणिक भ्रमण ज्ञान, मनोरंजन और रोमांच के यादगार अनुभवों के साथ संपन्न हुआ। 23 से 27 अक्टूबर तक आयोजित इस यात्रा में विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक विरासत, भारतीय संस्कृति, विज्ञान और आधुनिक विकास को करीब से जाना। इस दौरान बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ अनुशासन, समय प्रबंधन, समूह भावना और आत्मनिर्भरता की भी सीख मिली।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने अक्षरधाम मंदिर, अमूल फैक्ट्री, स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, साबरमती आश्रम, साबरमती रिवरफ्रंट, अटल ब्रिज, कांकरिया झील, गुजरात साइंस सिटी और अदलज की बावड़ी सहित कई प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया। इन स्थानों के माध्यम से विद्यार्थियों ने देश के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत, स्थापत्य कला, वैज्ञानिक उपलब्धियों और आधुनिक विकास की जानकारी हासिल की।
विद्यालय के नियमित वातावरण से बाहर निकलकर विद्यार्थियों को नए स्थानों और परिस्थितियों को समझने का अवसर मिला। यात्रा के दौरान उन्होंने आपसी सहयोग, जिम्मेदारी निभाने, समूह में रहने और समय का सदुपयोग करने जैसे जीवनोपयोगी कौशल सीखे। इससे उनके आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास को भी बढ़ावा मिला।
अभिभावकों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शैक्षणिक भ्रमण बच्चों के ज्ञान और व्यावहारिक समझ को बढ़ाने के साथ उनमें आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक व्यवहार विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालय द्वारा इससे पूर्व विशाखापत्तनम, हैदराबाद, जयपुर और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों के शैक्षणिक भ्रमण भी आयोजित किए जा चुके हैं। प्रधानाचार्या ममता ऐरी एवं प्रमोदा परीदा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में जीवन कौशल, आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। ऐसे भ्रमण बच्चों को अनुभवों के माध्यम से सीखने और अपने व्यक्तित्व को निखारने का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यालय भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करता रहेगा, ताकि विद्यार्थी ज्ञानवान, आत्मविश्वासी, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बन सकें। अहमदाबाद का यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए यादगार अनुभव बन गया और इसने साबित किया कि शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन के अनुभव भी सीखने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।