गरियाबंद । आगामी रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान शुरू कर दिया है। छत्तीसगढ़ खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त के निर्देश पर ‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’ अभियान के तहत जिले में 23 अगस्त 2026 तक सघन खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा।
अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त, सुरक्षित एवं शुद्ध मिठाइयां तथा अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इसके तहत मिल्क स्वीट्स, कन्फेक्शनरी, होटल, रेस्टोरेंट, नमकीन निर्माता, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं तथा स्ट्रीट फूड इकाइयों की जांच की जाएगी।
मिल्क स्वीट्स और मिठाइयों की गुणवत्ता की होगी जांच
अभियान के दौरान विशेष रूप से ऐसी मिठाइयों की जांच की जाएगी, जिन्हें मिल्क स्वीट्स के नाम पर बेचा जाता है, लेकिन उनमें वनस्पति तेल अथवा वनस्पति वसा का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा अवमानक मिठाइयों, बिना लेबल वाले प्लास्टिक डिब्बों में बेची जा रही मिठाइयों और भ्रामक नामों से विक्रय की जाने वाली खाद्य सामग्री की भी जांच की जाएगी।
काजू कतली, काजू बर्फी, मगज लड्डू, बर्फी, पेड़ा सहित अन्य मिठाइयों की गुणवत्ता एवं लेबलिंग की जांच की जाएगी।
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को दिए निर्देश
इसी क्रम में 17 अगस्त को जिला मुख्यालय के विभिन्न होटल एवं रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया। खाद्य कारोबारियों को मिलावटी, अमानक, मिथ्याछाप एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों का निर्माण और विक्रय नहीं करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने मिठाइयों एवं खाद्य पदार्थों के निर्माण के दौरान साफ-सफाई और स्वच्छता मानकों का विशेष ध्यान रखने की समझाइश दी।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता, मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे त्योहारों के दौरान खाद्य सामग्री खरीदते समय गुणवत्ता और पैकेजिंग की जांच अवश्य करें।