तीरंदाजी में भारत का ऐतिहासिक धमाका, कोरिया का 44 साल का वर्चस्व खत्म

नागोया । एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने रिकर्व तीरंदाजी के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। महिला रिकर्व टीम ने फाइनल में मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम को 5-3 से हराकर ऐतिहासिक गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

अंकिता भगत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोद की भारतीय तिकड़ी ने फाइनल में बेहतरीन संयम और सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन किया। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में महिला रिकर्व टीम स्पर्धा का अपना पहला स्वर्ण पदक हासिल किया।

सेमीफाइनल में चीन को दी करारी शिकस्त

फाइनल से पहले भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। चुनौतीपूर्ण मौसम और दबाव के बावजूद भारतीय तीरंदाजों ने शानदार तालमेल दिखाया।

सेमीफाइनल में कीर्ति शर्मा ने अहम मौकों पर सटीक निशाना लगाकर टीम को बढ़त दिलाई। आखिरी सेट में भारत को सिर्फ बराबरी की जरूरत थी और टीम ने दबाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।

फाइनल में कोरिया के खिलाफ बदला पूरा खेल

दक्षिण कोरिया के खिलाफ फाइनल की शुरुआत बेहद कड़ी रही। दोनों टीमों के बीच पहले दो सेट के बाद स्कोर 2-2 से बराबर था। इसके बाद भारतीय टीम ने दबाव के बीच अपनी लय बनाए रखी।

तीसरे सेट में कोरियाई तीरंदाजों से कुछ गलतियां हुईं। उनके छह तीरों में से चार पर 8 अंक आए, जबकि भारतीय टीम ने 55 का स्कोर बनाकर बढ़त हासिल कर ली।

चौथे सेट में भारत को स्वर्ण पदक पक्का करने के लिए सेट टाई करना था। कीर्ति शर्मा के एक तीर को शुरुआत में 8 अंक मिले, लेकिन रिव्यू के बाद इसे 9 अंक कर दिया गया। भारत का स्कोर 54 तक पहुंचा और सेट बराबरी पर समाप्त हुआ।

इसके साथ ही भारतीय महिला टीम ने 5-3 से फाइनल जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।

तीनों खिलाड़ियों का अलग-अलग सफर

कुमकुम मोहोद ने कुछ साल पहले ही रिकर्व तीरंदाजी की ट्रेनिंग शुरू की थी। उनकी शुरुआत बेहद साधारण संसाधनों से हुई और उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया।

कीर्ति शर्मा ने भी तमाम चुनौतियों के बावजूद रिकर्व धनुष के साथ खुद को मजबूत बनाया। एशियन गेम्स के अहम मुकाबलों में उनके सटीक निशानों ने टीम को महत्वपूर्ण अंक दिलाए।

वहीं अंकिता भगत भारतीय रिकर्व तीरंदाजी की अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह इससे पहले हांगझू एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली भारतीय महिला रिकर्व टीम का हिस्सा रह चुकी हैं।

पुरुष टीम ने जीता सिल्वर

महिला टीम के बाद भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने भी शानदार प्रदर्शन किया। धीरज बोम्मादेवरा, यशदीप भोगे और नीरज चौहान की तिकड़ी ने फाइनल में जगह बनाई।

फाइनल में भारतीय टीम का सामना दक्षिण कोरिया से हुआ। भारत ने शुरुआत में अच्छी चुनौती पेश की, लेकिन मुकाबले के आगे बढ़ने के साथ कोरियाई टीम ने बढ़त बना ली। अंत में भारत को 1-5 से हार का सामना करना पड़ा और टीम ने सिल्वर मेडल जीता।

इससे पहले भारतीय पुरुष टीम ने सेमीफाइनल में ईरान को 6-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।

मिक्स्ड रिकर्व टीम को भी रजत

मिक्स्ड रिकर्व टीम स्पर्धा में भी भारत के खाते में सिल्वर मेडल आया। कुमकुम मोहोद और धीरज बोम्मादेवरा की जोड़ी ने फाइनल तक का सफर तय किया, जहां उनका सामना चीन से हुआ।

कड़े मुकाबले में भारतीय जोड़ी को 3-5 से हार मिली और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

महिला रिकर्व टीम के ऐतिहासिक गोल्ड के साथ भारतीय तीरंदाजी दल ने एशियन गेम्स में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। कोरिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मिली यह जीत भारतीय रिकर्व तीरंदाजी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गई है।

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