नागोया । भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ने एशियन गेम्स में कुश्ती में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिला दिया। 65 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में सुजीत ने ताजिकिस्तान के अब्दुलमाजिद कुदेव को रोमांचक मुकाबले में हराया।
फाइनल की शुरुआत सुजीत के लिए मुश्किल रही। पहले हाफ के बाद वह 2-9 से पीछे थे। ताजिकिस्तानी पहलवान ने मजबूत डिफेंस के दम पर सुजीत को लगातार दबाव में रखा और उन्हें अटैक करने के ज्यादा मौके नहीं दिए।
लेकिन दूसरे हाफ में सुजीत ने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने लोअर बॉडी पर लगातार हमले किए और तीन टेकडाउन के जरिए स्कोर को 2-9 से 8-9 तक पहुंचा दिया।
आखिरी 10 सेकेंड में किया निर्णायक दांव
मुकाबले में जब सिर्फ 10 सेकेंड बाकी थे, सुजीत ने एक बार फिर विपक्षी पहलवान का डिफेंस तोड़ा और निर्णायक टेकडाउन हासिल कर लिया। इसके साथ ही उन्होंने बढ़त हासिल करते हुए फाइनल अपने नाम कर लिया।
सुजीत की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वह एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले पहलवान बने हैं।
सेमीफाइनल में ओलंपिक चैंपियन को हराया
फाइनल से पहले सुजीत ने सेमीफाइनल में बड़ा उलटफेर किया था। उनका सामना जापान के कोटारो कियोका से हुआ था, जो ओलंपिक चैंपियन हैं और इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक के दावेदारों में शामिल थे।
सेमीफाइनल के पहले पीरियड में सुजीत 0-2 से पीछे थे। दूसरे पीरियड में उन्होंने तीन अंक बनाए, जबकि कियोका सिर्फ एक अंक जोड़ सके। मुकाबला खत्म होने तक दोनों पहलवान 3-3 की बराबरी पर थे। अधिक अंक वाला दांव लगाने के नियम के आधार पर सुजीत को विजेता घोषित किया गया और उन्होंने फाइनल में जगह बनाई।
पूरे टूर्नामेंट में दिखाया दम
सुजीत ने पहले राउंड में अफगानिस्तान के सैयद उमर जजई को 13-3 से हराया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेहसवादकुही को टेक्निकल सुपीरियोरिटी के जरिए मात दी।
सेमीफाइनल में ओलंपिक चैंपियन को हराने के बाद फाइनल में 2-9 से पिछड़ने के बावजूद वापसी करना सुजीत के शानदार प्रदर्शन को दर्शाता है। आखिरी क्षणों में निर्णायक टेकडाउन के साथ उन्होंने न सिर्फ मुकाबला जीता, बल्कि एशियन गेम्स में भारत के लिए कुश्ती का पहला गोल्ड भी पक्का कर दिया।