रायपुर। राजधानी में कोरोना के बढ़ते संक्रमण से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। बच्चों के लिए शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में 250 बेड का अस्थायी अस्पताल तैयार किया गया है। नवजात शिशुओं और बच्चों के वार्ड में कलरफुल खेल उपकरण लगाए गए हैं।
संसदीय सचिव व विधायक विकास उपाध्याय ने शुक्रवार को चिकित्सकों से आयुर्वेदिक अस्पताल में बने अस्थायी कोविड अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। कलेक्टर सौरभ कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा नगर निगम और रायपुर स्मार्ट सिटी लि. के साथ मिलकर कोरोना की संभावित लहर के दौरान भर्ती मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा देने शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल 250 बिस्तर का अस्थायी कोविड वार्ड तैयार किया गया है। यहां नवजात शिशुयों, बच्चों और वयस्क मरीजों के उपचार की संपूर्ण व्यवस्था की गई है।
सीसीटीवी कैमरे से निगरानी
अस्थायी कोविड अस्पताल के शिशु वार्ड जहां बच्चों का उपचार होगा उस वार्ड में बच्चों के लिए खिलौने, मनोरंजक खेल उपकरण व टीवी की व्यवस्था भी है। नवजात बच्चों के लिए नियोनेटल मशीन से लैस कक्ष तैयार किए गए हैं। जहां 10 नवजात शिशुओं को एक साथ रखने की सुविधा है।यहां बने 40 बच्चों के वार्ड को उनकी पसंद के अनुरूप थीम पर तैयार कर आकर्षक स्वरूप दिया गया है। कोरोना मरीजों के स्वास्थ्य की सतत निगरानी के लिए कोरोना वार्ड पर सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। जहां से ड्यूटी डाक्टर और संबंधित नर्सिंग स्टाफ 24 घंटे निगरानी कर सहायता उपलब्ध कराएंगे।
कोरोना संक्रमित पांच मरीज मिलते ही कंटेंटमेंट जोन
रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रास सभाकक्ष में कोरोना वायरस के नवीन वैरीएंट ओमिक्रान को ध्यान में रखते हुए जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी ध्यान रखें कि मरीजों या उनके परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कांट्रैक्ट ट्रेसिंग का का यथाशीघ्र किया जाना है। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों का पंजीयन होने के बाद उन्हें तत्काल दवाइयां उपलब्ध कराया जाना है।