रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश में राशन दुकानों में गड़बड़ी रोकने के लिए शासन ने कुछ साल पहले आनलाइन व्यवस्था अपनाई गई है। अब मशीनें खराब और सर्वर की समस्या होने की स्थिति में हितग्राहियों को आफलाइन राशन बांट रहे हैं। रायपुर में जिले में अभी इस वक्त 45 प्रतिशत से अधिक राशन कार्डधारियों को आफलाइन राशन मुहैया कराया जा रहा है।
जबकि जिले में प्रत्येक राशन दुकानें में टैब मशीन दी गई है। अब आलम यह है कि यह मशीनें अधिकतर सोसायटियों में खराब या सर्वर डाउन की समस्या से जूझना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में राशन वितरण को लेकर हेराफेरी की शिकायत को देखते हुए हर सोसायटियों में टैब मशीनें खरीदी की गई है। इसके फलस्वरूप राशन वितरण की रजिस्टर में इंट्री करने के बजाय इस मशीन से देना है, ताकि प्रत्येक हितग्राहियों को पता चल सके कि हमें इस माह राशन प्राप्त हुए है। जबकि आनलाइन राशन वितरण यह धरातल पर ठीक से नहीं उतार पा रहा है।
20 से 25 हजार रुपये में खरीदी मशीनें
जानकारी के अनुसार सोसायटियों में आनलाइन राशन बांटने के लिए प्रत्येक सोसायटियों में 20 से 25 हजार रुपये में मशीनें खरीदी गई है। अब खराब होने और सर्वर की समस्या पर बेकार साबित हो रहा है। वहीं, रायपुर में 582 से अधिक सोसायटी है। यहां एक करोड़ रुपये से ज्यादा मशीनें के लिए खर्च कर दिया है। आंकड़े के अनुसार जिले में तकरीबन पांच लाख से अधिक कार्डधारी है। इनमें आधा से कम हितग्राहियों को राशन आनलाइन माध्यम से वितरण हो रहा है।