किरंदुल में बंगाली परिवारों ने धूमधाम से मनाई लक्ष्मी पूजा, सुख-समृद्धि की कामना के साथ गूंजे जयकारे

किरंदुल। बैलाडीला क्षेत्र के किरंदुल में बंगाली समाज के परिवारों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर लोगों ने अपने-अपने घरों में विधि-विधान से पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि, धन-धान्य, खुशहाली और पति की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की। घरों की आकर्षक सजावट, दीपों की रोशनी और पारंपरिक रीति-रिवाजों ने पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना दिया।

लक्ष्मी पूजा के अवसर पर बंगाली परिवारों ने अपने घरों को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और पारंपरिक अल्पना से सजाया। घरों के प्रवेश द्वार से लेकर पूजा स्थल तक विशेष सजावट की गई। चावल के आटे से मां लक्ष्मी के पैरों के निशान बनाए गए, जो इस पर्व की पारंपरिक मान्यताओं और धार्मिक आस्था को दर्शाते हैं।

सुहागिन महिलाओं ने की परिवार की खुशहाली की कामना

लक्ष्मी पूजा के दौरान महिलाओं ने मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा-अर्चना कर परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की। पूजा के बाद सुहागिन महिलाओं ने अपने पतियों से आशीर्वाद लिया और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। परिवार के सदस्यों ने भी पूजा में भाग लेकर सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

नारियल के लड्डू का लगाया भोग

बंगाली समाज की परंपरा के अनुसार, लक्ष्मी पूजा में नारियल के लड्डू का विशेष महत्व रहा। पूजा-अर्चना के बाद मां लक्ष्मी को नारियल के लड्डुओं का भोग लगाया गया। इसके पश्चात परिवार के सदस्यों और समाज के लोगों के बीच प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान लोगों में उत्साह और आपसी मेल-मिलाप देखने को मिला।

दीपों और सजावट से जगमगाए घर

लक्ष्मी पूजा के अवसर पर किरंदुल के कई घर रोशनी और आकर्षक सजावट से जगमगा उठे। दीपावली की तरह इस पर्व को भी उत्साह के साथ मनाने की परंपरा है। कई परिवारों ने दीप जलाकर और आतिशबाजी के माध्यम से पर्व की खुशियां साझा कीं।

बैलाडीला क्षेत्र में दिखा भक्ति और उल्लास

लक्ष्मी पूजा के चलते पूरे किरंदुल और बैलाडीला क्षेत्र में धार्मिक आस्था, उल्लास और पारिवारिक सौहार्द का वातावरण देखने को मिला। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाए गए इस पर्व ने बंगाली समाज की सांस्कृतिक विरासत और पारिवारिक एकजुटता को भी दर्शाया।

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