रायपुर | छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित होने लगा है, वहीं क्षेत्र के सभी प्रमुख जलाशय पूरी तरह लबालब हो चुके हैं. कैचमेंट एरिया से हो रही भारी पानी की आवक को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर जिले के सबसे बड़े गंगरेल बांध (रविशंकर सागर जलाशय) के 3 गेट खोल दिए गए हैं, जिनसे कुल 4,670 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
जलाशयों की वर्तमान स्थिति और जलप्रवाह प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, छोड़े गए पानी में से 3,360 क्यूसेक पानी सीधे महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है, जबकि 1,410 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज के रास्ते मुख्य नहर में छोड़ा गया है। जिले के अन्य बांधों में भी जलस्तर बेहद संवेदनशील स्थिति में पहुंच चुका है:
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मुरूमसिल्ली जलाशय: अपनी क्षमता का 98.61 प्रतिशत भर चुका है, जिसमें 362 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है।
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गंगरेल जलाशय: 97.40 प्रतिशत भरकर 3,365 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज कर रहा है।
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दुधावा जलाशय: 86.86 प्रतिशत (437 क्यूसेक आवक) तक भर चुका है।
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सोंढूर जलाशय: 69.25 प्रतिशत (167 क्यूसेक आवक) तक भर चुका है।
प्रशासन की मुस्तैदी और हाई अलर्ट मौसम विभाग द्वारा आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना जताए जाने के कारण महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। इसे गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तटीय और निचले इलाकों के गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद होकर मैदानी अमले को 24 घंटे सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। तटीय गांवों में मुनादी कराकर लोगों को लगातार सतर्क किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को समय रहते सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर बने राहत केंद्रों तक पहुंचाया जा सके। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे नदी-नालों या जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाएं और उफनती नदी को पार करने का कोई जोखिम न उठाएं, साथ ही किसी भी अफवाहों से बचकर केवल आधिकारिक प्रशासनिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।