हरियाणा | हरियाणा सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य के किसानों को अब जैविक खाद खरीदने पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। इस योजना का लाभ ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को मिलेगा। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत शुरू हुई पहल
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की बजट घोषणा के अनुरूप सरकार जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
सरकार का उद्देश्य किसानों को रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने के लिए प्रोत्साहित करना और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ उनकी आमदनी बढ़ाना है।
80 प्रतिशत तक मिलेगी जैविक खाद पर सब्सिडी
योजना के तहत ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकृत किसान जैविक खाद की खरीद पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्राप्त कर सकेंगे।
इससे किसानों को जैविक खाद खरीदने का आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही कम लागत में खेती करने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
5 किलो तक के छोटे पैकेट में मिलेगी जैविक खाद
कृषि मंत्री ने बताया कि जैविक खाद की बिक्री और खरीद को आसान बनाने के लिए पांच किलोग्राम तक के छोटे पैकेट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
इससे छोटे और सीमांत किसानों को भी अपनी जरूरत के अनुसार जैविक खाद खरीदने में सुविधा होगी। किसानों को बड़े पैकेट खरीदने की मजबूरी नहीं रहेगी।
किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकृत होना जरूरी है।
योजना से जुड़ी प्रमुख बातें:
- सब्सिडी: जैविक खाद खरीदने पर 80 प्रतिशत तक।
- पात्रता: मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत किसान।
- पैकेजिंग: पांच किलोग्राम तक के छोटे पैकेट की व्यवस्था।
- उद्देश्य: जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना।
सब्सिडी की वास्तविक राशि, अधिकतम सीमा और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देशों के लिए किसानों को कृषि विभाग की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर
हरियाणा सरकार की इस पहल से प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जैविक खाद के इस्तेमाल से मिट्टी की सेहत सुधारने और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिल सकती है।
सरकार का मानना है कि किसानों को आर्थिक सहायता और खाद की आसान उपलब्धता देकर उन्हें प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, जैविक खाद पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का फैसला हरियाणा के किसानों के लिए राहत भरा कदम है। इससे खेती की लागत कम करने और जैविक कृषि को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।