भारत | भारत की 23 वर्षीय स्प्रिंटर हरिता भद्रा ने एशियन गेम्स से पहले अपने प्रदर्शन से उम्मीदें बढ़ा दी हैं। इंडिया किट मिलने के अगले ही दिन उन्होंने 100 मीटर में 11.22 सेकंड का समय निकालकर भारतीय महिलाओं की ऑलटाइम लिस्ट में दूसरा स्थान हासिल किया।
हरिता ने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में इंडियन एथलेटिक्स सीरीज के फाइनल में गोल्ड मेडल जीता। उनका समय राष्ट्रीय रिकॉर्ड 11.17 सेकंड से महज 0.05 सेकंड पीछे रहा। यह रिकॉर्ड दुती चंद के नाम है।
हरिता के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि अगस्त में 100 मीटर में उनका पर्सनल बेस्ट 11.46 सेकंड था। महज एक महीने में उन्होंने अपनी टाइमिंग में 0.24 सेकंड का सुधार किया।
200 मीटर में भी शानदार प्रदर्शन
हरिता मुख्य रूप से 200 मीटर की एथलीट हैं और एशियन गेम्स में इसी इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। जून में नेशनल इंटर-स्टेट चैंपियनशिप के फाइनल में उन्होंने 23.14 सेकंड का पर्सनल बेस्ट टाइम निकाला था। यह एशियन गेम्स के लिए तय 23.70 सेकंड के क्वालिफिकेशन स्टैंडर्ड से काफी बेहतर है।
लगातार बेहतर प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली है। एशियन गेम्स में उनसे मेडल की उम्मीद की जा रही है।
पढ़ाई, जूलरी और बिजनेस भी साथ
हरिता की कहानी सिर्फ ट्रैक तक सीमित नहीं है। मुंबई की रहने वाली हरिता पढ़ाई में भी शानदार रही हैं। उन्होंने 10वीं में 93 और 12वीं में 95 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड की लॉफबरो यूनिवर्सिटी से स्पोर्ट्स साइंस में पढ़ाई की।
हरिता जूलरी डिजाइनिंग का भी शौक रखती हैं और अपना स्टार्टअप चलाती हैं। अपनी डिजाइन की हुई जूलरी को वह खुद प्रमोट करती हैं और कई बार रेस के दौरान भी अपनी बनाई जूलरी पहनती हैं।
पिछले एक साल में हरिता के प्रदर्शन में तेजी से सुधार हुआ है। अब एशियन गेम्स में 200 मीटर की रेस में उनकी नजर सिर्फ अच्छे प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि भारत के लिए पदक जीतने पर होगी।