रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बुधवार को दुर्ग जिले के प्रवास के दौरान सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका एवं पद्म विभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के गृह ग्राम गनियारी पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल ने स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर लोक कला और संस्कृति के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को याद किया।
इस दौरान राज्यपाल श्री डेका ने तीजन बाई के परिजनों से आत्मीय मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने परिवार के सदस्यों से चर्चा कर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा हरसंभव आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
राज्यपाल ने कहा कि स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई ने अपनी विशिष्ट कापालिक शैली और असाधारण प्रतिभा के माध्यम से पंडवानी गायन को देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी नई पहचान दिलाई। उन्होंने छत्तीसगढ़ की लोक कला, संस्कृति और सांस्कृतिक परंपराओं को वैश्विक मंच तक पहुंचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि तीजन बाई की कला-साधना, उनकी प्रतिभा और लोक संस्कृति के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। वह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की ऐसी गौरवशाली पहचान थीं, जिनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री रिकेश सेन, पद्मश्री पंडवानी गायिका श्रीमती उषा बारले, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।