आज 14 अक्टूबर 2026, बुधवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि और अनुराधा नक्षत्र है। चंद्रमा वृश्चिक राशि में और सूर्य कन्या राशि में स्थित हैं। आज विजय मुहूर्त दोपहर 2:02 बजे से 2:48 बजे तक रहेगा, जबकि राहुकाल दोपहर 12:07 बजे से 1:33 बजे तक है। ऐसे में आइए जानते हैं आज की तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशा शूल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।
आज का पंचांग (14 अक्टूबर 2026)
- दिन: बुधवार
- मास: आश्विन
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: चतुर्थी
- नक्षत्र: अनुराधा
- चंद्र राशि: वृश्चिक
- सूर्य राशि: कन्या
- दिशा शूल: उत्तर दिशा
- व्रत एवं त्योहार: शारदीय नवरात्रि की चतुर्थी तिथि
आज का शुभ मुहूर्त
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:02 बजे से 2:48 बजे तक।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजय मुहूर्त को महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत और शुभ संकल्प लेने के लिए अनुकूल माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ या अन्य शुभ कार्य करने की योजना बनाई जा सकती है।
आज राहुकाल का समय
राहुकाल: दोपहर 12:07 बजे से 1:33 बजे तक।
हिंदू ज्योतिष की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल में नए शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, नियमित पूजा-पाठ और दैनिक धार्मिक गतिविधियां की जा सकती हैं।
आज का दिशा शूल
बुधवार के दिन उत्तर दिशा में दिशा शूल माना जाता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, इस दिन उत्तर दिशा की ओर यात्रा शुरू करने से पहले दिशा शूल के उपाय किए जाते हैं। यह धार्मिक मान्यता है, कोई वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नियम नहीं।
आज मां दुर्गा के किस स्वरूप की पूजा करें?
नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा की आराधना से सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की कामना की जाती है।
इस दिन भक्त मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा कर सकते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार मंत्र जाप एवं आरती कर सकते हैं।
आज का पंचांग क्यों है महत्वपूर्ण?
हिंदू धर्म में पंचांग के माध्यम से तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ समय की जानकारी प्राप्त की जाती है। कई लोग पंचांग के आधार पर पूजा-पाठ, व्रत, यात्रा और मांगलिक कार्यों की योजना बनाते हैं।
आज बुधवार होने के कारण भगवान गणेश की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। भक्त दिन की शुरुआत पूजा-अर्चना और सकारात्मक संकल्प के साथ कर सकते हैं।
ध्यान दें: ऊपर दिए गए राहुकाल और विजय मुहूर्त के समय उपलब्ध पंचांग विवरण पर आधारित हैं। सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग-अलग शहरों में समय में अंतर हो सकता है।