रायपुर । छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और पारंपरिक गेड़ी नृत्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले प्रसिद्ध लोक नर्तक अनिल कुमार गढ़ेवाल ने सोमवार को राज्यपाल रमेन डेका से लोकभवन में सौजन्य भेंट की। इस दौरान उनके सहयोगी लक्ष्मी नारायण मांडले भी मौजूद रहे। राज्यपाल ने अनिल गढ़ेवाल और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए लोककला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करने की शुभकामनाएं दीं।
कर्तव्य पथ से राष्ट्रपति भवन तक गूंजा गेड़ी नृत्य
अनिल गढ़ेवाल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के गेड़ी लोक नृत्य दल ने इस वर्ष दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजनों में अपनी कला का प्रदर्शन किया। दल ने 26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में गेड़ी नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी थी।
इसके बाद 15 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘एट होम’ कार्यक्रम में भी दल ने अपनी प्रस्तुति से छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रदर्शित किया। इन आयोजनों में सहभागिता से प्रदेश की पारंपरिक कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
लोककलाकारों के प्रयासों की राज्यपाल ने की सराहना
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि लोकनृत्य हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को देशभर में पहुंचाने का कार्य करते हैं।
उन्होंने अनिल गढ़ेवाल और उनकी टीम के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास छत्तीसगढ़ की लोककला को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
लोकसंस्कृति के संरक्षण पर जोर
अनिल कुमार गढ़ेवाल बिलासपुर स्थित लोक श्रृंगार भारती के संचालक हैं। उनके नेतृत्व में लोक नृत्य दल पारंपरिक गेड़ी नृत्य को विभिन्न मंचों पर प्रस्तुत कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा रहा है।
राज्यपाल ने कलाकारों को भविष्य में भी लोककला के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए सक्रिय रहने की शुभकामनाएं दीं। यह भेंट छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कलाओं और लोक कलाकारों के योगदान को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।