गरबा महोत्सव सांस्कृतिक परंपरा और मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गरबा महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, सामाजिक एकता और मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक है। नवरात्रि जैसे पर्व समाज को प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के सूत्र में जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री सोमवार को राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा महोत्सवों और दुर्गा पूजा कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

विभिन्न गरबा महोत्सवों में शामिल हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माना बाजार सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति और सार्वजनिक श्री श्री दुर्गा पूजा समिति के पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा की पूजा की। इसके बाद उन्होंने हुकुम ललित महल में छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत युवा विंग द्वारा आयोजित ‘रास गरबा विथ भजन डांडिया’, रामबाग में रास गरबा, पचपेड़ी नाका स्थित राम मंगलम लॉन में ‘सोरठी रंग रंगीलो’ नवरात्रि उत्सव और शंकर नगर के बीटीआई मैदान में आयोजित ‘संकल्प गरबा’ में सहभागिता की।

विभिन्न आयोजनों में पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियां दीं। भक्ति गीतों और पारंपरिक संगीत के बीच श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ नवरात्रि का पर्व मनाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात की सांस्कृतिक परंपरा से निकला गरबा आज पूरे देश में लोकप्रिय है और भारत की विविधता में एकता का संदेश देता है।

महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। नवरात्रि मातृशक्ति के सम्मान, गरिमा और समाज निर्माण में महिलाओं के योगदान को याद करने का पर्व है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं और निर्णय लेने में भागीदारी निभाती हैं, तो परिवार के साथ पूरा समाज मजबूत होता है।

महतारी वंदन योजना से 68 लाख महिलाओं को मिल रही सहायता

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह राशि महिलाओं को घरेलू जरूरतों, बच्चों की शिक्षा और परिवार से जुड़े खर्चों के संबंध में निर्णय लेने में सहायता प्रदान करती है। सरकार का उद्देश्य आर्थिक मदद के साथ महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, छत्तीसगढ़ में लगभग 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने इसे महिलाओं की मेहनत, उद्यमशीलता और आर्थिक सामर्थ्य का उदाहरण बताते हुए कहा कि स्व-सहायता समूहों और आजीविका गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

देवी शक्तिपीठों के विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से भी है। मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी जैसे प्रमुख देवी स्थलों पर नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के प्रमुख देवी शक्तिपीठों और धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और इन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक विकास के साथ परंपराओं को सहेजना भी जरूरी है। गरबा, दुर्गा पूजा और अन्य सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बस्तर में शांति और विकास को लेकर मंत्री केदार कश्यप का बयान

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने भी प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से बस्तर में शांति और विकास को बढ़ावा मिला है।

मंत्री ने कहा कि बस्तर में बदलते हालात के साथ जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने क्षेत्र में शांति, विश्वास और विकास के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।

विकास और सांस्कृतिक विरासत साथ-साथ आगे बढ़ें

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साथ सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने आयोजन समितियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं और सांस्कृतिक परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाते हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, आयोजन समितियों के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा से प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना करते हुए छत्तीसगढ़ के शांति और विकास के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की कामना की।

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