बलौदा बाजार। नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस वर्ष भी गणेश उत्सव की धूमधाम देखने को मिल रही है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर घर-घर एवं सार्वजनिक पंडालों में गणपति बप्पा की स्थापना की गई। सुबह से ही श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान श्रीगणेश की पूजा-अर्चना कर उन्हें विराजमान किया। ढोल-ताशों की गूंज और भजन-कीर्तन के बीच गणेशोत्सव का उल्लास हर गली-गली में नजर आ रहा है।
सार्वजनिक पंडालों में आकर्षक झांकियां सजाई गई हैं, जहां श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए उमड़ रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक उत्साहपूर्वक उत्सव में भाग ले रहे हैं। जगह-जगह भजन मंडलियां भी सक्रिय हैं, जो देर रात तक भक्ति गीतों और भजनों से माहौल को भक्तिमय बना रही हैं।
वहीं, घर-घर में भी गणेश स्थापना हुई है। परिवारजन एकत्र होकर भगवान श्रीगणेश की पूजा कर रहे हैं और प्रसाद वितरण कर रहे हैं। घरों में महिलाएं भक्ति गीत गाकर वातावरण को पावन बना रही हैं।
इस बार कई जगहों पर पर्यावरण संरक्षण का विशेष संदेश भी दिया जा रहा है। गणेश प्रतिमाओं को प्राकृतिक शिल्प से बनाया गया है ताकि विसर्जन के समय पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
नगर में जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाटक और प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं, जिनमें युवाओं की भागीदारी सराहनीय है। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं, जिससे श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के उत्सव का आनंद उठा सकें।
गणेशोत्सव केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का भी प्रतीक बन गया है। लोग वर्ग, जाति और धर्म से ऊपर उठकर मिलजुल कर इस पर्व को मना रहे हैं।
अंतिम दिन गणेश विसर्जन शोभायात्रा के साथ संपन्न होगा, जिसके लिए नगरवासी अभी से तैयारी में जुटे हैं। ढोल-नगाड़ों और जयघोषों के साथ जब “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के नारे गूंजेंगे, तब पूरा नगर भक्तिरस में सराबोर होगा।