नई दिल्ली | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के बीच इसके गलत उपयोग को लेकर चिंता और गहरी हो गई है. AI कंपनी Anthropic ने अपनी एक नई रिपोर्ट में ऐसे कई मामलों का जिक्र किया है, जिनमें उसके AI मॉडल्स का इस्तेमाल संभावित तौर पर जैविक हथियारों और अन्य खतरनाक गतिविधियों में किए जाने की कोशिश की गई.
रिपोर्ट में पांच केस स्टडीज का उल्लेख किया गया है. कंपनी के मुताबिक, दिसंबर 2025 से उसने अपने AI मॉडल के संभावित दुरुपयोग से जुड़े दर्जनों मामलों को रोका है. इनमें कुछ मामलों को “बायोलॉजिकल मिसयूज़” की श्रेणी में रखा गया है.
AI से खतरनाक जैविक रिसर्च की आशंका
Anthropic के मुताबिक, एक मामले में अमेरिका के बाहर मौजूद एक रिसर्चर ने उसके AI मॉडल का इस्तेमाल बेहद खतरनाक एवियन इन्फ्लूएंजा यानी बर्ड फ्लू पर रिसर्च के दौरान किया. रिसर्च में यह समझने की कोशिश की जा रही थी कि वायरस स्तनधारियों के शरीर में किस तरह खुद को ढालता है.
कंपनी ने इसे “dual use” रिसर्च बताया है. यानी ऐसी जानकारी का इस्तेमाल वैज्ञानिक रिसर्च और बीमारी की रोकथाम के लिए भी हो सकता है, लेकिन गलत हाथों में पड़ने पर इसका दुरुपयोग भी संभव है. Anthropic ने संबंधित अकाउंट्स पर कार्रवाई करने की बात कही है, हालांकि कंपनी यह निश्चित तौर पर नहीं बता सकी कि रिसर्चर्स का वास्तविक उद्देश्य क्या था.
हूती विद्रोहियों पर भी AI के इस्तेमाल का दावा
रिपोर्ट में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों से जुड़े एक मामले का भी जिक्र है. Anthropic का दावा है कि उसके AI क्लाउड कोड का इस्तेमाल हथियारों से जुड़े सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए किया गया.
कंपनी के अनुसार, इसमें गाइडेंस, नेविगेशन और कंट्रोल सिस्टम से जुड़े काम शामिल थे. Anthropic ने यह भी कहा कि उसे किसी ऑपरेशनल गाइडेड हथियार के सफल इस्तेमाल का प्रमाण नहीं मिला, हालांकि एक गाइडेड रॉकेट का टेस्ट किया गया था, जो असफल रहा.
चीनी कंपनियों पर भी लगाए आरोप
Anthropic ने कुछ चीनी कंपनियों पर भी उसके AI मॉडल से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए कथित तौर पर गलत तरीके अपनाने का आरोप लगाया है. रिपोर्ट के अनुसार, DeepSeek, Xiaomi और Moonshot से जुड़े मामलों में Claude के साथ हुई बातचीत का इस्तेमाल मॉडल की क्षमताओं को समझने और ट्रेनिंग डेटा तैयार करने के लिए किया गया.
Anthropic ने Alibaba से जुड़े ऑपरेटर्स पर भी बड़े पैमाने पर डिस्टिलेशन अभियान चलाने का आरोप लगाया है. कंपनी के मुताबिक, इस प्रक्रिया में उसके उन्नत AI मॉडल्स से जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई.
AI के इंसानों के खिलाफ जाने की आशंका
AI के संभावित खतरों को लेकर Anthropic से जुड़े कुछ विशेषज्ञ पहले भी चिंता जाहिर कर चुके हैं. कंपनी के पूर्व रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने चेतावनी दी थी कि भविष्य में AI साइबर अटैक या जैविक हथियारों के विकास जैसी गतिविधियों के जरिए बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा सकता है.
AI के क्षेत्र के प्रमुख वैज्ञानिक और नोबेल पुरस्कार विजेता जेफ्री हिंटन ने भी AI से मानवता को होने वाले संभावित खतरे को गंभीरता से लेने की बात कही है.
हालांकि, मौजूदा रिपोर्ट में सामने आए मामलों का मतलब यह नहीं है कि AI ने खुद से जैविक हथियार या बड़े पैमाने पर विनाश की कोई योजना बनाई है. ये मामले मुख्य रूप से इंसानों द्वारा AI तकनीक के संभावित दुरुपयोग से जुड़े हैं. यही वजह है कि AI कंपनियों के सामने अब तकनीक को ज्यादा सक्षम बनाने के साथ-साथ उसके दुरुपयोग को रोकने की चुनौती भी बढ़ती जा रही है.