नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर काम करने वाले कर्मचारियों को अब अपने वाहनों की पार्किंग के लिए शुल्क देना होगा। रेलवे प्रशासन ने कर्मचारियों को मिलने वाली निशुल्क पार्किंग सुविधा खत्म करने का फैसला लिया है। इसकी शुरुआत सबसे पहले हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से की गई है।
रेल कर्मियों के अनुसार, पहले स्टेशन परिसर में उन्हें दोपहिया और चारपहिया वाहन खड़े करने की सुविधा मुफ्त मिलती थी, लेकिन अब पार्किंग ठेकेदारों की ओर से उनसे शुल्क मांगा जा रहा है। इस बदलाव के बाद कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है।
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से मिल रही यह सुविधा उनके लिए बड़ी राहत थी। अब पार्किंग शुल्क लागू होने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। कई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि शुल्क वसूली को लेकर पार्किंग संचालकों के साथ बहस की स्थिति भी बन रही है।
अधिकारियों से की गई शिकायत
रेल कर्मियों ने इस मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की है। हालांकि, उनका कहना है कि अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, पार्किंग व्यवस्था से जुड़ा फैसला मंडल स्तर पर लिया गया है, इसलिए स्थानीय स्तर पर इसमें तुरंत बदलाव संभव नहीं है।
50 प्रतिशत छूट का प्रावधान
रेलवे प्रशासन की ओर से कर्मचारियों को पार्किंग शुल्क में 50 प्रतिशत छूट देने की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस नियम में बदलाव केवल मंडल स्तर पर ही किया जा सकता है।
वहीं, रेल कर्मचारियों ने इस फैसले पर असंतोष जताते हुए विरोध की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि मुफ्त सुविधा खत्म करने के बजाय कर्मचारियों के लिए पहले जैसी व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए। आने वाले दिनों में यह व्यवस्था दिल्ली के अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी लागू हो सकती है।