छत्‍तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन ने रोजगार मिशन को बताया सरकार का नया जुमला

रायपुर। छत्‍तीसगढ़ सरकार ने राज्य में रोजगार की संभावना तलाशने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में रोजगार मिशन का गठन किया है। पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने इसे सरकार का नया जुमला करार दिया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस की ये समितियां धोखा नीतियां हैं। ये सिर्फ लटकाने, भटकाने का काम करती हैं।

डा. रमन ने सवाल किया कि शराबबंदी के लिए अध्ययन समिति बनाई लेकिन तीन साल बाद भी क्या हुआ
पुलिसकर्मियों के लिए हाई पावर कमेटी बनाई। क्या हुआ अब तक? अब युवाओं को ठगने रोजगार मिशन का जुमला लेकर आई है। कांग्रेस को झूठ की फैक्ट्री बताते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि चुनाव से पहले प्रदेश के 10 लाख बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था। तीन साल के लिए 2500 रुपये के हिसाब से 90 हजार आपको हर युवा को देने हैं। उन्होंने कांग्रेस को आगाह करते हुए कहा कि याद रहे युवा जागेंगे, लड़ेंगे और अपना हक लेकर रहेंगे।
जनता से वादा कर धोखा देना मोदी-रमन का चरित्र
कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जनता से वादा कर धोखा देना मोदी-रमन का चरित्र है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के लिए रोजगार मिशन का गठन कर रही है जो पांच साल में 15 लाख रोजगार का सृजन करेगी
छत्‍तीसगढ़ राज्य के युवाओं को उनकी कार्यकुशलता, योग्यता, रुचि के आधार पर हर क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर देगी। ऐसे में युवाओं के रोजगार को बेचने वाले पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन की पीड़ा स्वभाविक है जिनके शासनकाल में सितंबर 2018 में बेरोजगारी दर 22 प्रतिशत से अधिक और उनकी केंद्र सरकार की बेरोजगारी दर आठ प्रतिशत से अधिक है। अभी वर्तमान में छत्तीसगढ़ में बरोजगारी दर 2.1 से नीचे है।
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