रायपुर । महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक मुनगा (सहजन) के पौधे लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुनगा सुपोषण, स्वास्थ्य और समृद्धि का आधार बन सकता है और इसके माध्यम से कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा “घर-घर मुनगा, हर आंगन मुनगा” अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों और घरों में “सुपोषण वृक्ष-मुनगा” अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों, किशोरियों और माताओं को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुनगा को “मदर्स ट्री” भी कहा जाता है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और विटामिन जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो बच्चों के शारीरिक विकास, मातृ स्वास्थ्य सुधार और एनीमिया की रोकथाम में सहायक हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पोषण सुधार को जनभागीदारी आधारित अभियान के रूप में आगे बढ़ा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों और घरों में मुनगा पौधरोपण से न केवल पोषण जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
जनप्रतिनिधियों से अभियान में जुड़ने की अपील
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने सांसदों, विधायकों और पंचायत प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में मुनगा पौधरोपण अभियान का नेतृत्व करने का आग्रह किया। उन्होंने स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों और सार्वजनिक स्थानों पर मुनगा पौधे लगाकर सुपोषण वाटिका विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से भी अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेतों, घरों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए मुनगा पौधे पोषण, पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देंगे।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा, “घर-घर मुनगा, हर आंगन मुनगा—सुपोषित बचपन और स्वस्थ परिवार ही नए छत्तीसगढ़ की नींव है।”
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहयोग से यह अभियान एक सशक्त जनआंदोलन का रूप लेगा और छत्तीसगढ़ को सुपोषित एवं हरित राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।