मॉस्को । रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका के अटलांटा में आयोजित जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह बैठक 30 अक्टूबर को अमेरिकी राज्य जॉर्जिया के अटलांटा में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर हुई। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों विदेश मंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय एजेंडे पर विचार-विमर्श किया और विशेष रूप से क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया।
सऊदी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय घटनाक्रमों की भी समीक्षा की गई। चर्चा में यमन में बढ़ते तनाव और होर्मुज तथा बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से समुद्री आवाजाही को मिल रही चुनौतियों जैसे मुद्दे भी शामिल रहे।
दरअसल, होर्मुज और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग हैं। इन क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का असर वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है।
अटलांटा में आयोजित जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक में वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आपूर्ति शृंखला जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक में विभिन्न देशों के विदेश मंत्रियों ने मौजूदा भू-राजनीतिक चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर विचार किया।
हालांकि, रूस-यूक्रेन युद्ध सहित कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच मतभेद भी सामने आए। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इन मतभेदों के कारण बैठक में संयुक्त बयान जारी करने पर सहमति नहीं बन सकी।
लावरोव और सऊदी विदेश मंत्री की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मुद्दे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के केंद्र में बने हुए हैं।