दंतेवाड़ा जिले में शासन प्रशासन एवं मित्तल कंपनी के कारण पूरा जिला केमिकल युक्त लाल डस्ट के ढेर में बदलने के कगार पर हैं विगत कई दिनों से कांग्रेसी नेताओं के दबाव में आकर प्रशासन मित्तल कंपनी के साथ मिलकर लाल डस्ट जिले के अलग अलग जगहों पर डालने का काम कर रहा है पहले यह डस्ट ग्रामीण क्षेत्रों में डाला जाता था परन्तु अब यह खुलेआम नगर पालिका क्षेत्रों में भी डाला जा रहा है पहलें दंतेवाड़ा में फिर बचेली में अब किरदुंल में इस डस्ट को डलवाया जा रहा है किरदुंल में यह डस्ट जहाँ डलवाया जा है। वहाँ इसे डालने का कोई औचित्य ही नहीं है। ठेकेदारों एवं कांगेसी नेताओं को फायदा पहुंचाने के लिए पहले जमीन पर गड्ढा किया जा रहा है उसके पश्चात वहां पर यह जहरीली मिट्टी दफनाई जा रही है। हद तो जब है किरदुंल में अत्यधिक लाल डस्ट डालने के कारण वहां की उपजाऊ मिट्टी को कहीं और फिकवाया जा रहा है इसी बात का विरोध करने के लिए भारतीय जनता पार्टी की जिला मंत्री उर्मिला तामो आज किरदुंल पहुंची उन्होंने स्थल का निरीक्षण किया उसके बाद मिडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि नेताओं एवं ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए यहाँ पर कई हजार टन जरूरत से ज्यादा लाल मिट्टी डाली गयी है। वहां दिन दूर नहीं जब इसी तरह जिले में लाल डस्ट डाली जाएगी तो बहुत अधिक मात्रा में जमीन बंजर हो जायेगी साथ ही साथ आने वाले समय में पीने के पानी में भी गुणवत्ता की कमी आयेगी पूरा जिला बरसों से लाल पानी का दंश झेल रहा है और अब शासन प्रशासन एवं मित्तल कंपनी की कारगुजारियों के कारण इस जिले को लाल डस्ट से होने वाले हानि के दुष्प्रभाव के लिए भी तैयार रहना चाहिए। भाजपा नेत्री ने यह भी कहा कि इस मामले में कोई ठोस कार्यवाही नही हुई तो जल्द ही इस कंपनी के विरोध में सडकों की लड़ाई लड़ी जायेगी।