बीजापुर। बस्तर के घने जंगलों और दुर्गम इलाकों में बारिश, कीचड़ और खराब रास्तों की चुनौतियों के बीच मां मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमा साईं जी महाराज नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी परिस्थितियों को जाना और आर्थिक सहायता के साथ कपड़े व शैक्षणिक सामग्री वितरित की। इस दौरान उन्होंने परिवारों को भरोसा दिलाया कि वे अकेले नहीं हैं और समाज उनके साथ खड़ा है।
यमपुर (पामेड़) से नेलाकांकेर तक की यात्रा के दौरान बारिश और कीचड़ के कारण महाराज जी का काफिला भी मुश्किल में फंसा। एक वाहन कीचड़ में फंस गया, जबकि दूसरी गाड़ी खराब हो गई। इसके बावजूद यात्रा नहीं रोकी गई और वे अंदरूनी गांवों तक पहुंचकर नक्सल हिंसा में जान गंवाने वाले परिवारों से मिले।
यमपुर में दो परिवारों को 21-21 हजार की मदद
ग्राम यमपुर में डॉ. प्रेमा साईं ने वर्ष 2025 में नक्सल हिंसा में जान गंवाने वाले सुन्नम सम्मैया और वेक्को संदीप के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने दोनों परिवारों को 21-21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। महिलाओं को साड़ी और बच्चों को कपड़े, कॉपी, पेन, कंपास बॉक्स व चप्पल भी वितरित की गईं।
महाराज जी ने ग्रामीणों के साथ बैठकर भोजन किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उनके इस आत्मीय व्यवहार से ग्रामीणों में अपनत्व और भरोसे का भाव देखने को मिला।
नेलाकांकेर में पीड़ित परिवारों से मिले
इसके बाद डॉ. प्रेमा साईं जी महाराज ने नेलाकांकेर पहुंचकर वर्ष 2026 में नक्सल हिंसा में मारे गए 40 वर्षीय तिरुपति सोढ़ी के परिवार से मुलाकात की। पत्नी शांति और पांच बच्चों वाले परिवार की स्थिति जानने के बाद उन्होंने 31 हजार रुपये की सहायता राशि दी और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
इसी दौरान उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए तिरुपति सोढ़ी की बेटी संध्या की शादी का पूरा खर्च स्वयं उठाने और कन्यादान करने की बात कही। इस घोषणा से परिवार के सदस्य और ग्रामीण भावुक हो उठे।
इसके अलावा उन्होंने नक्सल हिंसा में मारे गए 23 वर्षीय रवि कट्टम के परिवार से भी मुलाकात की। परिवार की स्थिति जानने के बाद 31 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की और भविष्य में भी मदद का भरोसा दिलाया।

बच्चों को खुद पहनाई चप्पल
नेलाकांकेर में सहायता वितरण के दौरान डॉ. प्रेमा साईं का बच्चों के प्रति आत्मीय व्यवहार भी देखने को मिला। उन्होंने बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी, पेन, कंपास बॉक्स, कपड़े और चप्पल वितरित कीं। कई बच्चों को उन्होंने अपने हाथों से चप्पल पहनाई और दुलार किया। इस दृश्य ने ग्रामीणों को भावुक कर दिया।
मोदी, शाह, साय और शर्मा को बताया ‘देव पुरुष’
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान डॉ. प्रेमा साईं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा का उल्लेख करते हुए उन्हें ‘देव पुरुष’ बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से बस्तर में शांति और सामान्य जीवन की उम्मीद मजबूत हुई है। उन्होंने जोर दिया कि शांति और विकास का सबसे बड़ा लाभ आम ग्रामीणों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों तक पहुंचना चाहिए।
बोले- पीड़ित परिवारों को यह एहसास जरूरी कि वे अकेले नहीं
डॉ. प्रेमा साईं जी महाराज ने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों की पीड़ा केवल उनकी व्यक्तिगत पीड़ा नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी बात सुनना और जरूरत के समय उनके साथ खड़ा होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सहायता का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवारों को यह विश्वास दिलाना भी है कि वे अकेले नहीं हैं, समाज उनके साथ खड़ा है।