नई दिल्ली | एशियन गेम्स 2026 की भारतीय वुशु टीम की अंतिम सूची जारी होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। 60 किलोग्राम सांडा कैटेगरी में पहले चुनी गईं दिव्यांशी चौधरी को अंतिम सूची से बाहर कर दिया गया है। उनकी जगह 2022 एशियन गेम्स की सिल्वर मेडलिस्ट नाओरेम रोशिबिना देवी को टीम में शामिल किया गया है।
टीम से बाहर होने के बाद दिव्यांशी का करीब 9 मिनट का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए बेहद परेशान नजर आ रही हैं और अपनी जान देने की बात कहती सुनाई देती हैं। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व करना उनका बड़ा सपना था और टीम से बाहर किए जाने की खबर ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया।
फाइनल ट्रायल में रोशिबिना को हराया था
दिव्यांशी के मुताबिक, उन्होंने एशियन गेम्स के लिए लंबे समय तक कड़ी मेहनत की थी। उनका दावा है कि फाइनल ट्रायल्स में उन्होंने नाओरेम रोशिबिना देवी को सेमीफाइनल में हराया था। इसके बावजूद अंतिम सूची में उनकी जगह रोशिबिना का नाम शामिल किए जाने से वह बेहद आहत हैं।
वहीं, वुशु फेडरेशन की ओर से दिव्यांशी को टीम से बाहर करने की वजह उनकी चोट बताई गई है। फेडरेशन के मुताबिक, दिव्यांशी ACL इंजरी से जूझ रही हैं। हालांकि, दिव्यांशी ने अपने वीडियो में चोट की बात से इनकार किया है और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
11 सितंबर को जारी हुई अंतिम सूची
एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय वुशु टीम की घोषणा पहले 23 जून को की गई थी। लेकिन 11 सितंबर को फेडरेशन ने अपडेटेड अंतिम सूची जारी की। इसमें 60 किलोग्राम सांडा कैटेगरी में दिव्यांशी की जगह रोशिबिना देवी को शामिल किया गया।
दिव्यांशी ने आरोप लगाया है कि रोशिबिना ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर टीम में जगह बनाई। हालांकि, इन आरोपों पर फेडरेशन या रोशिबिना की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
एशियन गेम्स की शुरुआत 19 सितंबर से होनी है। ऐसे में टीम की अंतिम सूची में हुए इस बदलाव और दिव्यांशी के भावुक वीडियो ने भारतीय वुशु टीम के चयन को लेकर चर्चा तेज कर दी है।