बिलासपुर। तीन दिवसीय संभाग स्तरीय छत्तीसगढ़ लोक साहित्य, कला एवं युवा महोत्सव प्रारंभ हुआ। इसमें 15 से 40 वर्ष के युवा तथा अधिक आयु वर्ग के कलाकार उत्साह से भाग ले रहे हैं। पहले दिन लोक नृत्य और कबड्डी तथा खोखो में युवाओं ने हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। युवा अपनी प्रतिभा का 18 विधाओं में प्रदर्शन करेंगे। बहतराई स्टेडियम में पंथी नृत्य की प्रतियोगिताएं हुईं।
शासकीय ई. राघवेंद्र राव विज्ञान महाविद्यालय आडिटोरियम में सुआ व कर्मा नृत्य, देवकीनंदन दीक्षित सभा गृह में सरहुल, बस्तरिया और राउत नृत्य की प्रतियोगिताएं हुईं। इन सभी प्रस्तुतियों में 12-12 दलों ने भाग लिया। बहतराई इनडोर स्टेडियम में बालक कबड्डी और जिला खेल परिसर एवं साइंस कालेज मैदान में खोखो प्रतियोगिता हुई। इन प्रतियोगिताओं में 24-24 दलों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में 15 से 40 वर्ष आयु वर्ग में सरहुल नाचा में प्रथम कोरबा द्वितीय जांजगीर-चांपा, बस्तरिया नृत्य में प्रथम जांजगीर-चांपा, द्वितीय रायगढ़, राउत नाचा में प्रथम रायगढ़, द्वितीय जांजगीर-चांपा, तृतीय मुंगेली, करमा नृत्य में प्रथम रायगढ़, द्वितीय जांजगीर-चांपा, तृतीय मुंगेली और डंडा नाच में प्रथम कोरबा जिला रहा।
40 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग में राऊत नाचा में प्रथम रायगढ़, द्वितीय कोरबा, तृतीय मुंगेली, सरहुल नाचा में प्रथम कोरबा, करमा नाचा में प्रथम रायगढ़, द्वितीय जांजगीर-चांपा, तृतीय कोरबा की टीम रही। 15 से 40 वर्ष आयु वर्ग की लोक नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम जांजगीर-चांपा, द्वितीय रायगढ़ तथा तृतीय बिलासपुर का दल रहा। 40 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग में प्रथम बिलासपुर, द्वितीय रायगढ़ तथा तृतीय गौरेला-पेंड्रा-मरवाही का दल रहा।