खेल । भारतीय पोल वॉल्टर देव कुमार मीणा ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया, लेकिन वह पदक हासिल नहीं कर सके। देव मीणा ने 5.50 मीटर की ऊंचाई पार कर अपना राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर किया और प्रतियोगिता में सातवें स्थान पर रहे।
देव मीणा का लक्ष्य 5.60 मीटर की ऊंचाई पार करना था। उन्होंने इसके लिए पूरी कोशिश की, लेकिन मौसम की चुनौती और लगातार प्रयासों के कारण हुई थकान के चलते वह इस ऊंचाई को पार नहीं कर सके।
नेशनल रिकॉर्ड के बाद भी लक्ष्य 5.60 मीटर
देव मीणा ने बताया कि रिकॉर्ड बनाने के बाद भी उनका ध्यान जश्न मनाने के बजाय अगली ऊंचाई पार करने पर था। उन्होंने कहा कि वह 5.50 मीटर पर रुकना नहीं चाहते थे और एशियन गेम्स में 5.60 मीटर पार करने के लक्ष्य के साथ पहुंचे थे।
उन्होंने माना कि 5.50 मीटर पार करने के बाद उनकी तकनीक पूरी तरह सही नहीं रही और पोल भी थोड़ा असंतुलित हो गया। इसके कारण वह 5.60 मीटर का प्रयास सफल नहीं कर सके।
देव ने कहा कि वह अचानक बड़ी छलांग लगाने के बजाय धीरे-धीरे अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहते हैं। उनका भरोसा है कि अगली बार वह 5.60 मीटर की ऊंचाई पार करने में सफल होंगे।
रिकॉर्ड का श्रेय कोच घनश्याम को
पिछले दो वर्षों में कई बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर करने का श्रेय देव मीणा ने अपने कोच घनश्याम को दिया। उन्होंने कहा कि उनके कोच ने छोटी-छोटी चीजों पर भी लगातार काम किया और हर समय उनका साथ दिया।
देव के मुताबिक, अगर वह अकेले होते तो शायद इस स्तर तक पहुंचना मुश्किल होता। कोच की मेहनत और मार्गदर्शन ने उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारतीय कोच की गैरमौजूदगी में विदेशी कोच ने की मदद
देव मीणा ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान उनके साथ कोई भारतीय कोच मौजूद नहीं था। फाइनल की रात एक विदेशी कोच ने उनकी मदद की। यह कोच उसी प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे एक खिलाड़ी के साथ थे, जिसने बाद में स्वर्ण पदक जीता।
देव ने बताया कि उस विदेशी कोच ने उन्हें तकनीक से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें बताईं और उनके पोल में बदलाव करने में भी मदद की। उन्होंने इस सहयोग को अपने लिए महत्वपूर्ण बताया।
EJ ओबिएना के कोच से मिली मदद
एशिया के शीर्ष पोल वॉल्टरों में शामिल EJ ओबिएना के खिलाफ पहली बार मुकाबला करने के अनुभव को भी देव ने साझा किया। उन्होंने बताया कि ओबिएना के कोच ने उन्हें काफी मार्गदर्शन दिया।
देव ने कहा कि वह भविष्य में विदेश जाकर बेहतरीन पोल वॉल्टरों के साथ ट्रेनिंग करना चाहते हैं। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करने से उन्हें अपने प्रदर्शन में और सुधार करने में मदद मिलेगी।
देव मीणा ने कहा कि वह अपने कोच घनश्याम के साथ विदेश में ट्रेनिंग के विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। एशियन गेम्स में पदक भले ही उनके हाथ नहीं आया, लेकिन राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ उनका प्रदर्शन आगे के लिए नई उम्मीद जरूर छोड़ गया है।