बालोद | बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड अंतर्गत तुएगोंदी गांव स्थित पाटेश्वर धाम में आदिवासी समाज द्वारा आयोजित पारंपरिक देव जातरा शनिवार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। इस अवसर पर जिले सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।
यह आयोजन क्षेत्र के लिए विशेष रूप से संवेदनशील माना जा रहा था, जिसके चलते प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुआ आयोजन
बालोद जिले में आयोजित इस देव जातरा के दौरान करीब तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने पूरे मार्ग और धाम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा।
श्रद्धालुओं ने करीब चार किलोमीटर लंबे कठिन और पथरीले पहाड़ी मार्ग को पार कर पाटेश्वर धाम स्थित पाट बाबा और नीचे स्थित जलकैना में दर्शन-पूजन किया।
आस्था और परंपरा का संगम
आयोजन में पहुंचे श्रद्धालुओं ने परंपरा के अनुसार अपने आराध्य आंगा देव के साथ पाट बाबा का आशीर्वाद लिया और जीव सेवा में भाग लिया। श्रद्धालुओं के अनुसार यह देव जातरा उनके समाज की आस्था और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण पर्व है।
विवाद के बाद बढ़ी संवेदनशीलता
हाल ही में पाटेश्वर धाम क्षेत्र को लेकर हुए भूमि विवाद के चलते यह आयोजन संवेदनशील माना जा रहा था। आदिवासी समाज ने वन भूमि पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण के आरोप लगाए थे, जिसके बाद प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए क्षेत्र में कार्रवाई भी की थी।
इसके बाद प्रशासन, समाज प्रतिनिधियों और सरकार स्तर पर हुई बैठकों के बाद आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से कराने पर सहमति बनी।
दिव्यांग श्रद्धालु भी पहुंचे दर्शन करने
आयोजन के दौरान एक पैर से दिव्यांग अनिल नेताम भी बैसाखी के सहारे कठिन पहाड़ी रास्ता तय कर पाट बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे। उनकी आस्था और समर्पण ने उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रभावित किया।
पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन की सतर्कता और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के चलते देव जातरा बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्वक संपन्न हो गई।