भाजपा जिलाध्यक्ष अंबेश जांगड़े को पद से हटाने की मांग, हाईकमान को पत्र भेजने का दावा

शिवरीनारायण। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में भाजपा संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद सामने आया है। क्षेत्र के कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी हाईकमान को पत्र भेजकर जिलाध्यक्ष अंबेश जांगड़े को पद से हटाने और जिला संगठन का पुनर्गठन करने की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी नेतृत्व की ओर से किसी आधिकारिक निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।

कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, जिलाध्यक्ष अंबेश जांगड़े संगठन को मजबूत बनाने और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी को अपेक्षित रूप से निभाने में सफल नहीं रहे हैं। उनका दावा है कि जिला स्तर पर लिए जा रहे कुछ निर्णयों के कारण पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ा है, जिसका असर संगठनात्मक गतिविधियों पर पड़ रहा है।

एल्डरमैन नियुक्तियों को लेकर उठे सवाल

जिलाध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाले कार्यकर्ताओं ने नगर पंचायत में एल्डरमैन नियुक्ति से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया है। आरोपों के मुताबिक, एक नियुक्ति को लेकर कथित तौर पर ढाई लाख रुपये के लेन-देन का मामला सामने आया था, जिसकी चर्चा समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया पर हुई थी। हालांकि, संबंधित कार्यकर्ता द्वारा बाद में इस मामले का खंडन किए जाने की बात भी सामने आई है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इसी तरह, शिवरीनारायण नगर पंचायत में एल्डरमैन नियुक्ति को लेकर भी असंतोष जताया गया है। कुछ कार्यकर्ताओं का आरोप है कि नियुक्ति के दौरान पार्टी के वरिष्ठ, अनुभवी और लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं की अपेक्षा एक युवा व्यक्ति को प्राथमिकता दी गई।

इस फैसले को लेकर संगठन के भीतर कथित नाराजगी की बात कही जा रही है। हालांकि, नियुक्ति से संबंधित निर्णयों और उनमें किसी प्रकार की अनियमितता के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

सरकारी भूमि पर निर्माण को लेकर भी आरोप

शिवरीनारायण में एक व्यक्ति के परिजनों से जुड़ी सरकारी भूमि पर कथित अवैध निर्माण का मुद्दा भी उठाया गया है। आरोप लगाने वाले पक्ष का दावा है कि इस मामले में स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और जिलाध्यक्ष पर संबंधित व्यक्ति को संरक्षण देने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।

इन आरोपों की पुष्टि के लिए राजस्व अभिलेखों, निर्माण संबंधी दस्तावेजों और प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी आवश्यक होगी। संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

हाईकमान से संगठन में बदलाव की मांग

कार्यकर्ताओं की ओर से पार्टी नेतृत्व को भेजे गए बताए जा रहे पत्र में अंबेश जांगड़े को जिलाध्यक्ष पद से हटाने और जिला संगठन का नए सिरे से गठन करने का आग्रह किया गया है। मांग करने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन में सक्रियता बढ़ाने, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को उचित प्रतिनिधित्व देने और पार्टी की छवि मजबूत करने के लिए नेतृत्व को हस्तक्षेप करना चाहिए।

फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी हाईकमान ने इस पत्र पर क्या संज्ञान लिया है। भाजपा के जिला नेतृत्व या प्रदेश संगठन की ओर से भी इन आरोपों और मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है।

अब सबकी निगाहें पार्टी नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि इस मामले में औपचारिक शिकायत पर विचार किया जाता है, तो आरोपों की जांच और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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