नई दिल्ली। दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद से जुड़े सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) मामले में बड़ा प्रशासनिक और कानूनी एक्शन सामने आया है। इस मामले में दो और वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिससे जांच का दायरा और बढ़ गया है।
किन अधिकारियों पर कार्रवाई?
ताजा कार्रवाई में जिन अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है, उनमें शामिल हैं—
- तत्कालीन DGHS डॉ. वत्सला अग्रवाल
- डिप्टी कंट्रोलर अकाउंट्स नीरज चोपड़ा
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देशों के बाद की जा रही है, जिसके तहत CPA खरीद प्रक्रिया की विस्तृत जांच तेज कर दी गई है।
ACB कर रही जांच
पूरा मामला अब भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) के पास है, जो यह जांच कर रही है कि खरीद प्रक्रिया में किस स्तर पर अनियमितताएं हुईं और इसमें किन अधिकारियों की क्या भूमिका रही।
जांच भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17A के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।
पहले भी हुई कार्रवाई
इस मामले में पहले ही कई कार्रवाई हो चुकी है—
- तत्कालीन प्रभारी डॉ. विनोद कुमार रंगा गिरफ्तार
- डॉ. वत्सला अग्रवाल सस्पेंड
सूत्रों के मुताबिक, अब जांच एजेंसियां पूरे खरीद सिस्टम और निर्णय प्रक्रिया की गहराई से जांच कर रही हैं।
CM का सख्त रुख
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि सरकारी धन के दुरुपयोग को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जांच एजेंसियों को निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
क्या है CPA मामला?
CPA (Central Procurement Agency) के जरिए दिल्ली सरकार के अस्पतालों के लिए दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद की जाती है। इसी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
आगे क्या?
जांच एजेंसियों का फोकस अब यह पता लगाने पर है कि इस कथित घोटाले में और कौन-कौन अधिकारी या विभागीय स्तर शामिल हो सकता है। आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।