कोलंबो |श्रीलंका में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामलों की जांच कर रहे आयोग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की पत्नी शिरांथी राजपक्षे, पूर्व मंत्री रोहित बोगोलागामा और नेशनल सेविंग्स बैंक (NSB) के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप करियावासम को अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया।
शिरांथी राजपक्षे पर 1 करोड़ रुपये के कथित दुरुपयोग का आरोप
शिरांथी राजपक्षे को कोलंबो स्थित उनके आवास से पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, उनके खिलाफ एक सरकारी बैंक से कथित तौर पर 1 करोड़ श्रीलंकाई रुपये प्राप्त करने और उसके दुरुपयोग से जुड़ी जांच चल रही है।
मामला उनके गैर-सरकारी संगठन ‘सिरिलिया सविया’ से जुड़े वित्तीय लेनदेन से संबंधित बताया गया है। एजेंसी इन लेनदेन में कथित अनियमितताओं और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल की जांच कर रही है।
पूर्व मंत्री रोहित बोगोलागामा भी गिरफ्तार
पूर्व विदेश मंत्री रोहित बोगोलागामा को भी भ्रष्टाचार के एक आरोप की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया। वह बुधवार को जांच एजेंसी के समक्ष अपना बयान दर्ज कराने पहुंचे थे, जिसके बाद उनसे पूछताछ की गई और उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
उन्हें आगे कोलंबो चीफ मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किए जाने की तैयारी है। मामले से जुड़े आरोपों का विस्तृत ब्योरा जांच एजेंसी की ओर से अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
पूर्व NSB अध्यक्ष की गिरफ्तारी भी इसी जांच से जुड़ी
नेशनल सेविंग्स बैंक के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप करियावासम को भी भ्रष्टाचार जांच आयोग ने गिरफ्तार किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनकी गिरफ्तारी शिरांथी राजपक्षे से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच के सिलसिले में हुई है।
राजपक्षे परिवार पर बढ़ा कानूनी दबाव
शिरांथी राजपक्षे की गिरफ्तारी से पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के परिवार पर कानूनी दबाव और बढ़ गया है। हालांकि, सभी मामलों में आरोप अभी जांच के स्तर पर हैं और गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
श्रीलंका में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच इन गिरफ्तारियों ने देश की राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है।